पीठ ने कहा कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के लिए आवश्यक है कि रिमांड आदेश पारित होने पर पुरकायस्थ का वकील उपस्थित रहे। एएसजी राजू ने पीठ को तर्क देकर समझाने की कोशिश की लेकिन पीठ ने इस तर्क को मानने से इनकार कर दिया। लंबी बहस के बाद आखिरकार पीठ ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। पीठ पुरकायस्थ की विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें दिल्ली पुलिस द्वारा उनकी गिरफ्तारी को बरकरार रखने के दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर सवाल उठाया गया था। सह-अभियुक्त और प्रमुख अमित चक्रवर्ती ने भी अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था लेकिन ईडी के सरकारी गवाह बनने के बाद उन्हें अपनी याचिका वापस लेने की अनुमति दी गई।
पुरकायस्थ के खिलाफ दाखिल आरोप पत्र पर अदालत का संज्ञान
अदालत ने समाचार पोर्टल न्यूजक्लिक एवं उसके संस्थापक व प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ के खिलाफ आतंकवाद रोधी कानून गैरकानूनी गतिविधियां निवारण अधिनियम (यूएपीए) के तहत दाखिल आरोपपत्र पर संज्ञान ले लिया। पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरदीप कौर ने कहा कि आरोपी के खिलाफ संज्ञान लेने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। उन्होंने अभियोजन पक्ष को आरोपपत्र की एक प्रति पुरकायस्थ को देने का निर्देश दिया। साथ ही आरोप तय करने पर बहस के लिए सुनवाई 31 मई के लिए स्थगित कर दी। दिल्ली पुलिस ने 30 मार्च को समाचार पोर्टल न्यूज़क्लिक एवं उसके संस्थापकों के खिलाफ यूएपीए के तहत लगभग आठ हजार से अधिक पन्नों का आरोप-पत्र दाखिल कर दिया था।