देवेंद्र यादव पार्टी नेतृत्व से नजदीकी के कारण प्रदेश कांग्रेस के अंतरिम अध्यक्ष तो बन गए हैं, लेकिन उनकी राह आसान नहीं है। उन्हें मतदान से पहले पार्टी के असंतुष्ट खेमे को साधना होगा। इसके अलावा आंतरिक कलह के कारण हतोत्साहित पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरना होगा। उनके सामने चुनौतियों का पहाड़ है जिसे पार पाने के लिए समय बेहद कम है।
देवेंद्र ने ऐसे समय में संगठन की कमान संभाली है जब पार्टी गठबंधन और टिकट वितरण के सवाल पर दो फाड़ है। उनके पार्टी कार्यकर्ताओं को चुनावी मोर्चे पर पूरे आत्मविश्वास के साथ उतारने की चुनौती है। उनके सामने लवली की ओर से उठाए गए सवालों के कारण आई दरार को भरने व आप नेताओं में गठबंधन धर्म पूरी ईमानदारी से निभाने का विश्वास पैदा करने की भी चुनौती है।
दरअसल, लवली ने गठबंधन करने पर असहमति जताई है। इसके बाद से कांग्रेस के समक्ष असहज स्थिति बनी हुई है। हालांकि, कांग्रेस के तीनों उम्मीदवार आप को साधने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। उत्तर पश्चिम दिल्ली क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार उदित राज ने लवली के बयान का कड़ा विरोध किया है। उनका कहना है कि लवली के त्याग पत्र के बाद अब पार्टी खड़ी होगी। वे अपने चहेते लोगों को आगे करने में लगे हुए थे।
वहीं, उत्तर पूर्व दिल्ली क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार कन्हैया कुमार दिल्ली सरकार की नीतियों की तारीफ कर रहे हैं और प्रचार सामग्री में आप नेताओं के फोटो भी प्रकाशित करा रहे हैं, जबकि चांदनी चौक क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार जयप्रकाश अग्रवाल आप नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। इसके अलावा कांग्रेस व आप के नेताओं की संयुक्त बैठक भी कराई है।