शीर्ष अदालत ने एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी से बदहाल हो रही शिक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई।
सुप्रीम कोर्ट ने प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को संज्ञान में लेते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जल्द से जल्द प्रदेश में शिक्षकों की भर्ती करने के निर्देश दिए हैं।
काम आई यह जनहित याचिका
प्राइमरी विद्यालय की बदहाल व्यवस्था पर आगरा की हरिजन महिला, विकलांग एवं युवा कल्याण संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी।
संगठन के पदाधिकारी ओमनारायण तिवारी ने बताया कि संगठन ने संविधान के अनुच्छेद 21(ए) और आरटीई एक्ट 2009 के आधार पर बच्चों के हित में शिक्षकों की भर्ती के संबंध में एक रिट दाखिल की थी।
हो रही थीं बस 72 हजार भर्तियां
संगठन की याचिका के सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश सरकार को जल्द से जल्द शिक्षकों के रिक्त पड़े पदों को भरने के लिए नोटिस जारी किया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार 25 जून तक 72 हजार शिक्षकों की भर्ती करने जा रही है।
जबकि प्रदेश में दो लाख 70 हजार शिक्षकों की कमी है। ऐसे में संगठन की मांग है कि आरटीई के तहत जितनी रिक्तियां हैं प्रदेश में उन्हें तत्काल भरा जाए।
उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द भर्तियां आरंभ होंगी तो बच्चों को बेहतर शिक्षा तो मिलेगी ही साथ ही बीएड व टीईटी करके घरों में बैठे बेरोजगारों को भी रोजगार मिलेगा।