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सुप्रीम कोर्ट में गूंजेगी निर्भया की आवाज!

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सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को 16 दिसंबर गैंगरेप मामले की पीड़िता का मरने से पहले का बयान पेश करने का निर्देश दिया है।
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शीर्ष अदालत ने मंगलवार को दिए अपने इस निर्देश के साथ ही मामले में ट्रायल कोर्ट के उन रिकार्डों को भी पेश करने को कहा है जिसमें मामले में चारों दोषियों को मौत की सजा सुनाई गई है।

जस्टिस बीएस चौहान और जे चेलमेश्वर की पीठ ने कहा, ‘अगर मरने से पहले का पीड़ित का बयान हमें संतुष्ट करने में कामयाब रहा तो हम नहीं समझते कि मामले में फिर इस कोर्ट को हस्तक्षेप क्यों करना चाहिए।’ हालांकि पीठ ने पुलिस को अगली सुनवाई पर संबंधित दस्तावेज पेश करने को कहा।
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दो अभियुक्तों ने की थी अपील

उल्लेखनीय है कि ट्रायल कोर्ट द्वारा दोषियों को दी गई मौत की सजा पर दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा भी मुहर लगाए जाने के फैसले के खिलाफ दो अभियुक्तों मुकेश और पवन ने शीषस्थ अदालत का दरवाजा खटखटाया था।

मुकेश (27) और पवन (20) के अलावा अक्षय कुमार (29) और विनय शर्मा (21) को भी मिली मौत की सजा को दिल्ली हाईकोर्ट ने सही ठहराया था। हाईकोर्ट ने दोषियों की अपील को खारिज करते हुए उनके कृत्य को ‘बेहद पैशाचिक’ करार दिया।

कोर्ट ने ‘अपराध न्यायशास्त्र के इतिहास में इस जैसा कोई दूसरा मामला नहीं’ बताते हुए ऐसी सजा को वक्त की जरूरत बताया था। उल्लेखनीय है कि मामले का पहला आरोपी रामसिंह तिहाड़ जेल में मरा हुआ पाया गया था। जबकि छठे नाबालिग आरोपी को जुवेनाइल कोर्ट ने अधिकतम तीन साल की सजा सुनाई है।
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