नोएडा के सेक्टर-93ए स्थित सुपरटेक एमरॉल्ड कोर्ट के ट्विन टावरों के फ्लैट खरीदारों ने एक कमेटी का गठन किया है।
यह कमेटी सभी कानूनी पहलुओं का अध्ययन कर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेगी। कमेटी के सदस्य केके मित्तल के मुताबिक बिल्डर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए भी विचार-विमर्श चल रहा है।
जानकारी के मुताबिक एपेक्स और सियान टावर के फ्लैट खरीदारों की ओर से बनी कमेटी में सुप्रीम कोर्ट के वकील भी शामिल हैं। कमेटी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने के लिए प्रारूप तैयार कर रही है।
अब तक इस मामले में फ्लैट बायर्स पक्षकार नहीं हैं, इसलिए सबसे पहले पक्षकार बनने की याचिका दायर होगी। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ मजबूती से पक्ष रखने की तैयारी की जा रही है।
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वहीं, सुपरटेक के सीएमडी आरके अरोड़ा की तरफ से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि सात से दस दिन के भीतर हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी जाएगी। बिल्डर की ओर से कानूनी विशेषज्ञों की टीम हाईकोर्ट के आदेश के हिसाब से प्रारूप तैयार कर रही है।
इस बारे में जानकारी देने के लिए सुपरटेक ने मंगलवार को प्रेसवार्ता भी बुलाई है। दूसरी ओर एमरॉल्ड कोर्ट के आरडब्ल्यूए ने बायर्स को सुझाव दिया है कि हाईकोर्ट के आदेश को मानते हुए 14 फीसदी ब्याज सहित भुगतान वापस लेना ज्यादा बेहतर होगा।
उनका तर्क है कि सुविधाओं में कमी के चलते यहां रहने पर भविष्य में काफी समस्याओं से जूझना पड़ेगा। यहां के निवासी आरपी टंडन का कहना है कि एक प्लॉट पर एक ही आरडब्ल्यूए पंजीकृत हो सकती है।
ऐसे में अगर फ्लैट मिल भी जाता है तो उसके बाद भी तमाम परेशानी झेलनी पड़ेगी। उधर, नेफोमा ने भी बायर्स का पूरा साथ देने की बात दोहराई है।