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स्वाद से रहें सावधान: शादी की दावत बढ़ा रही शुगर, बीपी और पेट का रोग, पार्टी में करें इन चीजों से परहेज

Mon, 11 Dec 2023 06:37 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

डॉ. पाराशर ने कहा कि जिन लोगों को शुगर, बीपी या पेट का रोग है। ऐसे लोग तले हुए खाने से दूरी बनाए। ये शुगर और बीपी बढ़ने का मुख्य कारण है। ऐसे लोगों को खान-पान संतुलित, पौष्टिक व स्वास्थ्यवर्धक लेना चाहिए। 
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दावत का खाना कर सकता है बीमार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शादी की दावत में हो रही लापरवाही लोगों में शुगर, बीपी और पेट का रोग को बढ़ा रही है। बीते कुछ दिनों से दिल्ली नगर निगम के अस्पतालों और डिस्पेंसरी में ऐसे मरीजों की 20 फीसदी तक संख्या बढ़ गई। डॉक्टरों का कहना है कि शादी ब्याह के दावत में खाने में स्वाद का खास ध्यान रखा जाता है। ऐसे में घी, तेल, नमक, मसाले का उपयोग ज्यादा होता है जो मरीजों के शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल, ज्यादा नमक से खून में सोडियम बढ़ जाता है। ऐसा होने पर बीपी और मधुमेह का स्तर ऊपर नीचे होता है। साथ ही पेट खराब रहने लगता है।

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दिल्ली नगर निगम के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (आयुर्वेद) डॉ. आरपी पाराशर ने बताया कि शादियों का सीजन होते ही लोगों में खाने को लेकर लापरवाही भी बढ़ गई है। स्वाद के लिए बनाए गए भोजन में काफी चिकनाई और मसाले होते हैं। ऐसे भोजन का सेवन डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों लिए नुकसान पहुंचता है। इसके अलावा खाने में बड़ी लापरवाही भी करते हैं जिस कारण शुगर बीपी और पाचन तंत्र से संबंधित रोगों के मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई। 

उनका कहना है कि ठंड बढ़ने के साथ ही मधुमेह और हृदय रोगों के नए मरीजों की संख्या बढ़ती है। जबकि पुराने मरीजों की स्थिति गंभीर होती है। सर्दी में पसीना न निकले के कारण शरीर के दोष बाहर नहीं निकल पाते हैं। गर्मी में पसीना निकलने से शरीर काफी हद तक डिटॉक्सिफाई हो जाता है जो सर्दी के मौसम में संभव नहीं हो पता।
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तले हुए खाने से बनाए दूरी
डॉ. पाराशर ने कहा कि जिन लोगों को शुगर, बीपी या पेट का रोग है। ऐसे लोग तले हुए खाने से दूरी बनाए। ये शुगर और बीपी बढ़ने का मुख्य कारण है। ऐसे लोगों को खान-पान संतुलित, पौष्टिक व स्वास्थ्यवर्धक लेना चाहिए। सभी सब्जियों में चिकनाई की मात्रा अत्यधिक होती है इसलिए सब्जी कम मात्रा में सेवन करें। पूरी व नान के सेवन से पेट दर्द, बदहजमी व अफारे जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बेहतर है तवे की रोटी या मिस्सी रोटी बिना घी के साथ लें। एक से अधिक मिठाई का प्रयोग न करें। इसके अलावा मूली, खीरा व दही से बने पदार्थों के साथ दूध या दूध से बने पदार्थों का प्रयोग न करें। इससे शरीर में वात, पित्त व कफ दोषों का संतुलन बिगड़ जाता है।
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