सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय को तिहाड़ में वही सुरक्षा और सुविधा चाहिए जो उन्हें 30 सितंबर तक कोर्ट के आदेश से मिली थी।
इसके लिए उनकी ओर से तिहाड़-प्रशासन को पत्र लिखा गया है। हालांकि तिहाड़ प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना अदालत के आदेश के उस तरह की सुविधा नहीं दी जा सकती है।
तिहाड़ सूत्रों के मुताबिक सुरक्षा कारणों से 1 अक्तूबर से सुब्रत रॉय को जेल संख्या तीन की जगह जेल संख्या एक में रखने का निर्णय लिया गया। जेल संख्या एक में सुब्रत रॉय की सुरक्षा के लिए अक्सर चार सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं।
वार्ड से लेकर जेल के अंदर टहलने के दौरान भी सुरक्षाकर्मी उनके आसपास होते हैं। जेल के अधिकारियों का कहना है कि अब सुरक्षा का कोई खतरा नहीं है।
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तिहाड़-प्रशासन का कहना है कि फोन पर बातचीत नियमों के मुताबिक जेल में बंद कैदियों को मिलने वाली सुविधा के अनुसार ही दी जा रही है। नियम के विपरीत कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
जेल के डीआईजी मुकेश प्रसाद ने बताया कि सहारा प्रमुख की ओर से एक पत्र लिखा गया है, जिसमें जेल में उन्होंने वही सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है जो 30 सितंबर तक मिली थी।
कोर्ट के आदेश पर 30 सितंबर तक तिहाड़ हेडक्वाटर में बने कान्फ्रेंस रूम में उनके रहने, सोने और बिजनेस मीटिंग की व्यवस्था की गई थी।
डीआईजी ने कहा कि पहले उन्हें जेल संख्या तीन में रखा गया था, लेकिन उन्होंने वहां अपनी सुरक्षा को खतरा बताया था, इसलिए उन्हें जेल संख्या में एक में रखा गया है।