डीयू में इस साल तीन नए कोर्स बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, बीटेक इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्यूनिकेशन, इंजीनियरिंग, बीटेक इलेक्ट्रिक्ल इंजीनियरिंग को शुरु किया जा रहा है। विवि ने इन कोर्सेज के लिए 2.16 लाख रुपये प्रति वर्ष फीस तय की है।
दिल्ली विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सत्र 2023-24 से शुरू किए जा रहे तीन नए बीटेक प्रोग्राम छात्रों की जेब पर भारी पड़ेंगे। दरअसल यह कोर्स सेल्फ फाइनेंसिंग मोड में शुरु किए जा रहे हैं।
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विवि ने इन कोर्सेज के लिए 2.16 लाख रुपये प्रति वर्ष फीस तय की है। कार्यकारी परिषद ने शुक्रवार को फीस ढांचे को मंजूरी दी है। हालांकि सदस्यों ने इतनी ज्यादा फीस होने को लेकर विरोध भी जताया। सदस्यों ने कहा कि इससे छात्रों के लिए बीटेक की पढ़ाई काफी महंगी हो जाएगी।
डीयू में इस साल तीन नए कोर्स बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, बीटेक इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्यूनिकेशन, इंजीनियरिंग, बीटेक इलेक्ट्रिक्ल इंजीनियरिंग को शुरु किया जा रहा है। अकादमिक परिषद से मंजूरी मिलने के बाद इन कोर्सेज को शुरु करने के लिए शुक्रवार को कार्यकारी परिषद ने भी मुहर लगा दी। कार्यकारी परिषद की बैठक में इन कोर्सेज की फीस को लेकर भी चर्चा हुई। विवि ने कोर्सेज के लिए एक साल की फीस 2 लाख 16 हजार रुपये तय की है। इसके पीछे इन कोर्सेज का सेल्फ फाइनेसिंग होना बताया जा रहा है। इस तरह से यदि छात्र बीटेक की पढ़ाई पूरी करता है तो वह करीब 10 लाख से ऊपर ही पड़ेगी।
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एनएसआईटी और दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के अलग से विश्वविद्यालय बन जाने के कारण डीयू में प्रौद्योगिकी के प्रोग्राम फिलहाल नहीं थे। अब इन्हें शुरू किया जा रहा है। डीयू में अमूमन बीए या बीकॉम या बीएससी करने के लिए औसतन फीस 12-15 हजार प्रति वर्ष है, उसके मुकाबले में बीटेक की फीस लाखों में होने से छात्रों पर काफी आर्थिक बोझ पड़ेगा।
शिक्षकों ने उठाए सवाल
लाखों में फीस किए जाने पर परिषद के सदस्यों समेत शिक्षक भी सवाल खड़े कर रहे हैं। कार्यकारी परिषद राजपाल पंवार ने बताया कि कार्यकारी परिषद की बैठक में हमने फीस को लेकर अपनी आपत्ति भी दर्ज कराई थी। लेकिन विवि ने इसे फिर भी मंजूरी दे दी। इस फैसले से लगता है कि विवि का निजीकरण किया जा रहा है। इतनी महंगी फीस होने से छात्रों पर भी बोझ पड़ेगा। खासकर गरीब तबके से आने वाले ऐसे छात्र जो कि डीयू से बीटेक करना चाहेंगे उनके लिए यह बोझ वहन करना कठिन हो जाएगा।