फरीदाबाद के तिलपत गांव में अवैध रूप से चल रहे दो शराब के ठेके से महिलाएं और छात्राएं अपने को असुरक्षित महसूस करने लगी हैं।
दूसरी ओर छेड़खानी और झपटमारी की वारदात से आशंकित अभिभावक छात्राओं को स्कूल भेजने में कतराने लगे हैं। तिलपत युवा संगठन ने जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर इसे बंद कराने की मांग की है।
संगठन ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद भी गांव में श्रीराम पब्लिक स्कूल व शांति निकेतन से पांच और 20 मीटर की दूरी पर शराब ठेका चल रहा है, जबकि इसी रास्ते में दो मंदिर भी पड़ते हैं।
कई लोग अब अपनी बेटियों को नहीं भेजते स्कूल
अवैध तरीके से चल रहे ठेके को बंद कराने की कई बार मांग उठी मगर प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होती।
तिलपत युवा संगठन के प्रधान गौरव शर्मा ने बताया कि ठेके पर शराबियों की भीड़ जुटी रहती है। छींटाकशी के डर से लोग छात्राओं को स्कूल नहीं भेजना चाहते। शराबी आए दिन राहगीरों से उलझते हैं।
यहां भी रिहायशी इलाकों में चल रहे ठेके
फरीदाबाद सेक्टर-55, सेक्टर-30, सेक्टर-3, बाईपास रोड आदि।
क्या है नियम, क्या कहते हैं लोग?
सुप्रीम कोर्ट ने कुछ वर्ष पहले स्कूलों, रिहाइशी इलाकों और मंदिर से 100 मीटर तक शराब ठेकों को बंद कराने के निर्देश दिए थे।
माहौल खराब है। बेटियों की शिक्षा जरूरी है मगर ऐसे माहौल में स्कूल भेजने में डर लगता है ।-सरिता देवी, तिलपत निवासी
सुबह से ही ठेके पर भीड़ जुट जाती है। अकेले स्कूल भेजने में डर लगता है। कई बार तो खुद ही छोड़ने जाते हैं। -किरन देवी, तिलपत निवासी
मेरे पास अभी ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। फिर भी हम संबंधित अधिकारी को भेजकर चेक कराएंगे। नियमों के खिलाफ खोले गए ठेकों को हटवा दिया जाएगा। -दीपिका चौधरी, उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त (आबकारी)