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कॉपी में लिखा कुछ ऐसा कि हंस पड़ेंगे आप

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सर मुझे 50 नंबर दे दें, मैं थोड़ा पढ़ने में कमजोर हूं, कृपा करें सर मुझे पास कर दें..., ऐसे न जाने कितने ही प्रार्थना पत्र उत्तर पुस्तिकाओं में मिल रहे हैं।
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पासिंग नंबर देने के लिए ये गुहार इन दिनों 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं में परीक्षार्थी लगा रहे हैं। कुछ तो ऐेसे भी हैं जो पास करने के लिए आवेदन पत्र के साथ ही रिश्वत के तौर पर 100-500 नहीं, बल्कि 1000-1500 रुपये तक भी रख रहे हैं।

इस तरह के मामले अधिकतर अंग्रेजी, गणित और विज्ञान की कापियों में निकलते हैं। मगर इस बार परीक्षक इस बात से भी हैरान हैं कि कला की कापियों में भी पैसे रखे मिले। मूल्यांकन केंद्रों पर ऐसी कापियां मनोरंजन का काम कर रही हैं।
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होम साइंस की कापी चेक कर रही एक परीक्षक ने कहा कि एक कापी में तो ‘दुल्हन चली, पहन चली तीन रंग की चोली’ गाना पूरा लिखा हुआ था। किसी ने शायरी तो किसी ने जय माता दी से कापी भर दी है।

स्कूल में बेहोश हो गई छात्र की मां

वैशाली सेक्टर-1 में स्थित माडर्न स्कूल में अभिभावकों ने शनिवार को फिर हंगामा किया। सुबह आठ बजे से कंपार्टमेंट लगाकर फेल किए गए बच्चों के अभिभावक उत्तर पुस्तिकाएं दिखाने की मांग कर रहे थे। मगर प्रिंसिपल उनसे मिली ही नहीं।

इस दौरान एक अभिभावक मंजू बेहोश हो र्गइं। इस पर अभिभावक और भड़क गए। घंटों तक स्कूल में गतिरोध चलता रहा। मगर प्रबंधन ने अभिभावकों को समझाने की कोई पहल नहीं की।

नवीं कक्षा के बच्चों की कंपाटमेंट लगाने पर उत्तर-पुस्तिका दिखाने की मांग कर रहे अभिभावक शनिवार सुबह नौ बजे स्कूल में पहुंच गए। स्कूल में अभिभावकों ने करीब पांच घंटे तक हंगामा किया।

इस दौरान एक अभिभावक मंजू के बेहोश होने पर भी प्रधानाचार्या उनसे नहीं मिली। इस पर अभिभावक और भड़क गए। अभिभावकों का कहना था कि स्कूल की प्रिंसिपल न तो अभिभावकों से मिल रही हैं और न ही अभिभावकों को कोई आश्वासन दे रही हैं।
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डिप्रेशन में गए बेटे की चिंता ने उड़ाई मां की नींद

वहीं, फूट-फूट कर रो रही मंजू ने बताया कि कंपार्टमेंट आने के कारण उनका बेटा डिप्रेशन में है। वह पूरी रात छत पर बैठा रहा। अगर वह छत से कूद जाता तो क्या होता।

उन्होंने बताया कि वे शुक्रवार को भी उत्तर पुस्तिका दिखाने की मांग लेकर स्कूल पहुंचे थे, मगर उनकी सुनवाई नहीं की जा रही। हालांकि इस पूरे मसले पर बचती रही प्रिंसिपल दोपहर तक स्कूल में डटे रहे अभिभावकों से नहीं मिली।

उधर, प्रिंसिपल का कहना था कि वे सुबह साढ़े आठ बजे से 17 अभिभावकों से मिल चुकी हैं और उन्हें उत्तर पुस्तिकाएं देखने के लिए प्रार्थना पत्र देने की बात कह चुकी हैं, जबकि कुल 21 बच्चे फेल हुए हैं। लेकिन अभिावकों का कहना था कि वे मिल नहीं रही हैं।
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