राष्ट्रीय हरित पंचाट (एनजीटी) की ओर से 10 साल से पुराने डीजल वाहनों को दिल्ली-एनसीआर से हटाने के आदेश का विरोध शुरू हो गया है।
इस फैसले के खिलाफ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने सोमवार आधी रात से पूरे एनसीआर में चक्काजाम करने की चेतावनी दी है। राजधानी दिल्ली में ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के लोगों ने शनिवार को भी प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि एनजीटी का आदेश किसी भी तरह इस व्यवसाय से जुड़े लोगों के हित में नहीं है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे सोमवार की आधी रात से चक्का जाम करेंगे।
एनजीटी के फैसले के विरोध में शनिवार को दिल्ली के मोती नगर और संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर में अलग-अलग ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने प्रदर्शन किया और एकजुट होकर अपनी ताकत भी दिखाई।
व्यवसाय से जुड़ें लोगों का होगा नुकसान
दिल्ली ट्रांसपोर्ट फेडरेशन के चेयरमैन राजेश यादव ने कहा कि हम बहुत मुश्किल में हैं। उन्होंने कहा कि वे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का समर्थन करते हैं।
गडकरी ने शुक्रवार को गोवा में कहा था कि 10 साल से पुराने वाहनों पर कार्रवाई करने से पहले हमें अर्थव्यवस्था की सेहत का ध्यान रखना पड़ेगा।
यादव ने कहा कि अगर इस आदेश को वापस नहीं लिया तो सोमवार आधी रात के बाद से चक्का जाम कर देंगे। पूरे एनसीआर में नए व पुराने वाहन नहीं चलेंगे। यह चक्का जाम अनिश्चितकालीन होगा।
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के चेयरमैन कुलतरण अटवाल ने कहा कि इस फैसले से महंगाई बढ़ेगी। व्यवसाय से जुड़े लोगों को बड़ा नुकसान होगा।
पंद्रह वर्ष पुराने पेट्रोल वाहन भी नहीं चलेंगे
दिल्ली-एनसीआर में 10 वर्ष पुरानी डीजल चालित वाहनों पर एनजीटी की पाबंदी के बाद अब यहां पंद्रह वर्ष पुराने पेट्रोल वाहनों पर भी पाबंदी लगा दी गई है।
एनजीटी के एक माह पहले हुए आदेश के आधार पर गुड़गांव ट्रैफिक पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक 16 पेट्रोल वाहनों को जब्त भी कर लिया है। इसके अलावा कीमती विंटेज गाड़ियों को भी सड़क पर चलाने से रोक लगा दी गई है।
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए इसी साल फरवरी में एनजीटी ने 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर पाबंदी लगाने का आदेश जारी किया था।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के बाद प्राधिकरण ने बिल्डरों को नोटिस जारी कर दिया है। पर्यावरण मंत्रालय के साल 2010 में जारी दिशानिर्देश और एनजीटी के तय मानकों का उल्लंघन करने वाले बिल्डरों पर सोमवार से शिकंजा कसना शुरू हो जाएगा। प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि मानकों की अनदेखी पर प्रोजेक्ट सील कर दिए जाएंगे।