जेएनयू में 9 फरवरी को अफजल गुरु पर आयोजित कार्यक्रम में देशविरोधी नारे लगाने के मामले में हाईलेवल कमेटी की सिफारिश व रिपोर्ट के आधार पर विश्वविद्यालय द्वारा कारण बताओ नोटिस पर दोषी छात्रों द्वारा जवाब न देने का फैसला ऑल पार्टी मीटिंग में मंगलवार रात को हो गया था।
इसी मामले में जेएनयू छात्रसंघ के वामपंथी संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों ने काउंसिल बैठक बुलाई। जेएनयू की पांच सदस्यीय हाईलेवल कमेटी के समक्ष विश्वविद्यालय नियमों और अनुशासनात्मक उल्लंघन के दोषी 21 आरोपी छात्रों में से किसी ने भी जांच कमेटी के समक्ष अपना बयान नहीं दिया है।
क्योंकि कमेटी की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर विश्वविद्यालय ने फाइनल रिपोर्ट आने से पहले आठ छात्रों को प्रतिबद्ध कर दिया था।