दिल्ली के शाहदरा इलाके में 30 लाख रुपये की फिरौती के लिए आठवीं कक्षा के एक छात्र की अगवा कर हत्या कर दी गई। मृतक की शिनाख्त जतिन (13) के रूप में हुई है। बृहस्पतिवार शाम को घर के पास पार्क से खेलते समय एक नाबालिग दोस्त व एक युवक ने जतिन का अपहरण कर लिया था।
अगवा करने के कुछ ही देर बाद उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी गई। बाद में परिवार को एसएमएस भेजकर फिरौती मांगी। पुलिस ने फिरौती के लिए अगवा कर हत्या करने की इस सनसनीखेज वारदात को सुलझा कर मोहित उर्फ मोंटी (28) व 16 साल के नाबालिग को दबोच लिया है।
इनकी निशानदेही पर जतिन का शव भी बरामद कर लिया गया। शाहदरा थाना पुलिस दोनों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। पुलिस के मुताबिक जतिन परिवार के साथ गली नंबर-4, ईस्ट रोहताश नगर में रहता है। परिवार में पिता चंद्रशेखर शर्मा, मां प्रीति शर्मा, एक छोटा भाई ओम व दादा-दादी हैं।
24 घंटे के भीतर सारा खेल खत्म
चंद्रशेखर का प्रॉपर्टी के अलावा फाइनेंस का काम है। जतिन पास के एक पब्लिक स्कूल में पढ़ता था। बृहस्पतिवार शाम खेलने गया और फिर वापस नहीं आया। परिजनों ने उसकी तलाश करने के बाद बृहस्पतिवार रात 10 बजे शाहदरा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। देर रात करीब 2 बजे चंद्रशेखर ने अपने मोबाइल में आए एसएमएस को चेक किया तो उसके होश उड़ गए।
एसएमएस करने वाले ने जतिन को जान से मारने की धमकी देकर 30 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। फौरन मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। मोबाइल सर्विलांस के आधार पर पुलिस ने पड़ोस में रहने वाले मोंटी व नाबालिग को दबोच लिया।
दोनों ने पुलिस को बताया कि इन लोगों ने अगवा करने के चंद ही मिनटों बाद जतिन की गला घोंटकर हत्या कर दी। बाद में उसके शव को शाहदरा इलाके में राठी मिल के पास फेंक दिया। पहचान छुपाने के लिए मासूम का चेहरा भी कुचल दिया गया। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है।
हत्या करने के बाद फिरौती की कॉल भी की थी
मोहित उर्फ मोंटी ने खुलासा किया कि उसने भेद खुल जाने की वजह से जतिन को मौत के घाट उतार दिया। वारदात के बाद उसकी लाश को ठिकाने लगाने के बाद कई बार कॉल की। लेकिन चंद्रशेखर फोन नहीं उठा पाया। परेशान होकर मोंटी ने चंद्रशेखर के मोबाइल पर रात करीब 9 बजे एसएमएस कर जतिन को जान से मारने की धमकी देकर रुपयों की मांग की। लेकिन इसके बाद भी फौरन चंद्रशेखर एसएमएस नहीं देख पाया।
आरोपी नाबालिग का पिता व चंद्रशेखर आपस में दोस्त हैं। नाबालिग उसकी गली में ही रहता है और उसका बचपन से जतिन के घर आना जाना था। जतिन भी उसे अपना भाई मानता था। इधर, जतिन के परिवार का घटना के बाद से रोते-रोते बुरा हाल है। वहीं, शुक्रवार रात को स्थानीय लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की।