इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में आंतरिक सुरक्षा के लिए प्रगति मैदान में बृहस्पतिवार को डिफेंस एक्सपो ‘मिलिपोल इंडिया’ का शुभारंभ किया गया। तीन दिवसीय एक्सपो फ्रांस के आंतरिक मंत्रालय, भारत के गृह मंत्रालय व विदेश मंत्रालय के सहयोग से शुरू किया गया है। एक्सपो में स्वदेशी हथियारों की ताकत देखने को मिल रही है। कुछ हथियार भारतीय सेना में शामिल हैं और कई को आने वाले समय में शुमार किया जाएगा।
एक्सपो में 150 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शक शामिल हैं। इसका उद्घाटन सरकार के सचिव अतुल डुल्लू, चंद्राकर भारती एएस व फ्रांस की नागरिकता राज्य मंत्री सबरीना एग्रेस्टी-रूबाचे ने किया।
ड्रोन के जरिये आसानी से पहुंचेंगे हथियार
एक्सपो में बंदूक, पिस्टल, मिसाइल और ड्रोन रखे गए हैं, लेकिन इनमें सबसे खास बीएमपी सी-थ्रू आर्मर है। वहीं, सियाचिन की दुर्गम पहाड़ी हो या लद्दाख रेंज की ऊंची चोटियां, अब सैनिकों के पास ड्रोन के जरिये आसानी से दवा से लेकर हथियार, दवाएं व अन्य संसाधन पहुंच सकेंगे। दर्शकों के बीच यह आकर्षण का केंद्र बना है।
ड्रोन को देखने व इसकी जानकारी लेने के लिए दर्शक बेताब दिखे। यह फाइबर से बना है और इसका कुल भार तीन किलो है। यह आसानी से 20 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ सकता है। खास बात यह है कि यह ऊंची पहाड़ियों में अपने से तीन गुना वजन को ले जा सकता है। माइनस 30 से 50 डिग्री में छह घंटों तक उड़ने की क्षमता रखता है।
डूबे लोगों का पता लगाएगी सोनार मशीन
किसी दुर्घटना में पानी में डूबे लोगों को अब आसानी से खोजा जा सकेगा। इसके लिए सोनार हेंडी मशीन को स्वदेशी कंपनी ने निर्मित किया है। सोनार आधारित उपकरण द्वारा पानी के अंदर 50 मीटर तक फंसे किसी भी इंसान का पता लगाया जा सकता है। इससे गोताखोरों का समय बचेगा और प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी। पानी की सतह पर रखकर इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। इस उपकरण को खरीदने के लिए एनडीआरएफ से बात चल रही है।