आप का फोकस केजरीवाल की गिरफ्तारी के विरोध पर
आप का चुनावी अभियान अभी थमा हुआ है। पार्टी का पूरा फोकस मुख्यमंत्री केजरीवाल की गिरफ्तारी का विरोध करना है। पार्टी के सभी नेता और कार्यकर्ता इसी मकसद से 31 मार्च को रामलीला मैदान में बुलाई गई रैली की तैयारियों में जुटे हुए हैं। पार्टी का मानना है कि अभी चुनाव दूर है। हमारा लक्ष्य मुख्यमंत्री की ईडी की गिरफ्तारी को बेनकाब करना है। सभी पदाधिकारी इस वक्त 31 मार्च को होने वाली रैली को कामयाब बनाने में लगे हुए हैं। चुनाव नजदीक आने पर अभियान जोर पकड़ेगा।
दिलचस्प यह कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी से पहले आप ने गठबंधन के समझौते के तहत आई चार सीटों के उम्मीदवार घोषित करने के साथ चुनावी अभियान भी शुरू कर दिया था, लेकिन मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी के बाद रणनीति बदल दी है।
कांग्रेस नहीं कर सकी तीनों सीटों पर नाम घोषित
दोनों दलों की तुलना में कांग्रेस अभी चुनावी तैयारियों में पिछड़ी हुई है। आलम यह है कि पार्टी हिस्से में आई तीनों सीटों पर उम्मीदवार भी घोषित नहीं कर सकी है। इसकी जगह पार्टी अभी प्रत्याशियों के नाम तय करने की दिशा में काम कर रही है। साथ ही, बीते दिनों प्रदेश की अपनी अलग-अलग इकाइयों के पदाधिकारियों का चयन भी किया गया। वहीं, सोशल मीडिया विंग का भी फिर से गठन किया गया है। इससे उसके अपने नेता व कार्यकर्ता हैरान हैं।
भाजपा उम्मीदवारों को जवाब देने की जगह वह घर बैठकर पार्टी के प्रत्याशी का इंतजार कर रहे हैं। जिन सीटों पर आप के उम्मीदवारों को समर्थन करना है, उनके लिए भी अभी पार्टी ने स्पष्ट निर्देश नहीं दिए हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि तैयारी पूरी होने तक भाजपा प्रत्याशी अपने-अपने इलाके में पहले दौर का अभियान चला चुके हैं।
लोकसभा सीट और प्रत्याशी
नई दिल्ली
बासुरी स्वराज (भाजपा)
सोमनाथ भारती (आप)
पूर्वी दिल्ली
हर्ष मल्होत्रा (भाजपा)
कुलदीप कुमार (आप)
दक्षिणी दिल्ली
रामवीर सिंह बिधूड़ी (भाजपा)
सहीराम (आप)
पश्चिमी दिल्ली
कमलजीत सहरावत (भाजपा)
महाबल मिश्रा (आप)
उत्तर पूर्व
मनोज तिवारी (भाजपा)
घोषित नहीं (कांग्रेस)
चांदनी चौक
प्रवीण खंडेलवाल (भाजपा)
घोषित नहीं (कांग्रेस)
उत्तर पश्चिमी दिल्ली
योगेंद्र चांदोलिया (भाजपा)
घोषित नहीं (कांग्रेस)