गुड़गांव मंडल के आयुक्त डीपीएस नागल ने अधिकारियों से कहा है कि वे आपदा प्रबंधन के नजरिए से जिले के 15 मीटर या बहुमंजिली इमारतों का सर्वेक्षण कर नक्शा व पूरा डाटा तैयार करे ताकि आपदा की स्थिति में इमारत में रहने वालों को शीघ्र राहत पहुंचाई जा सके।
बृहस्पतिवार को आपदा प्रबंधन की बैठक में उन्होंने स्कूल व कॉलेज के बच्चों को इस बारे में प्रशिक्षित करने का भी सुझाव दिया।
उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की आपदा किसी भी समय आ सकती है। इसके लिए सावधानियां व उनसे बचने के उपाय हमारे जीवन के लिए बहुत जरूरी है।
उपायुक्त शेखर विद्यार्थी ने जिला नगर योजनाकार को निर्देश दिए कि वे डिजास्टर प्लान का पूरा नक्शा तैयार करे। साथ ही जिला की विकास योजना पर ऊंची इमारतों तथा उन इमारतों तक जाने के मुख्य रास्तों के साथ वैकल्पिक रास्तों को भी दर्शाएं ताकि नक्शे पर पूरी इमारत व रूट तथा उच्च जोखिम इमारत आदि पूरे एरिया का पता चल सके।
उन्होंने नगर निगम, हुडा, एच एस आई डी सी लोक निर्माण विभाग आदि विभागों के अधिकारियों से कहा कि वे बहुमंजिला इमारतों की सूची जिला नगर योजनाकार को शीघ्र उपलब्ध करवाएं।
उन्होंने बताया कि बहुमंजिला इमारतों को विकास योजना पर चिन्हित करने के साथ-साथ इसकी एक सॉफ्ट कॉपी भी तैयार की जाएगी जिसमें इमारत के प्रवेश तथा निकासी के रास्ते के अलावा सुरक्षा के लिए किए गए आवश्यक बिंदुओं को दर्ज किया जाएगा।
उपायुक्त ने जिला नगर योजनाकार सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पूरे एरिया का प्लान तैयार कर पूरे सिस्टम को हॉइटैक करें साथ ही उच्च जोखिम इमारत व बहुमंजिला इमारतों को नक्शे पर दर्शाएं ताकि आपदा होने कि स्थिति में लोगों को तत्काल राहत पहुंचायी जा सके।
बताया कि गुड़गांव शहर दिल्ली के अतिनजदीक होने के कारण काफी संवेदनशील है और गुड़गांव में काफी संख्या में बहुमंजिला इमारते बनी हुई है। यदि समय रहते उपाय किए जाए तो किसी भी तरह कि दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है।
बैठक में जिला राजस्व अधिकारी तरसेम शर्मा, जिला नगर योजनाकार बिजेन्द्र राणा, अग्नि शमन अधिकारी, महेन्द्र सिंह भारद्वाज, लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियन्ता एनके तोमर, एसडीओ एनके बंसल, नगर निगम से कार्यकारी अभियन्ता अमित सहित आपदा प्रबन्धन की रिसर्च ऑफिसर लक्षिता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।