सौतेले मामा ने भांजी के साथ दो बार दुष्कर्म किया। मामा के डर से वह घर से भाग गई। दो सहेलियां भी उसके साथ ही घर छोड़ हरिद्वार भाग गईं। जब उन्हें लगा कि मामा चला गया होगा तो वह लौट रही थीं।
इस बीच सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने तीनों को दादरी स्टेशन से बरामद कर लिया। मामले में पुलिस ने अपहरण के मामले को दुष्कर्म और पोस्को एक्ट की धाराओं में तरमीम कर लिया है। हालांकि अभी आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है।
एसएसपी किरन एस ने बताया 22 सितंबर को सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र स्थित एक इंटर कॉलेज से कक्षा आठ की तीन छात्राएं एक साथ गायब हो गईं थी। बुधवार देर शाम किसी ने इंस्पेक्टर समरजीत सिंह को सूचना दी कि तीन किशोरी दादरी स्टेशन पर घूम रही हैं।
सौतेला मामा आया था घर
पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों छात्राओं को थाने ले आई। छात्राओं ने बताया कि सूरजपुर में रहने वाली एक छात्रा की पांच साल पहले मां की मौत हो गई थी। उसके पिता ने दूसरी शादी कर ली।
सौतेली मां का भाई (हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर निवासी) अकसर उनके घर आता था। करीब 15 दिन पहले उसका सौतेला मामा आया था। अकेला पाकर उसके सौतेले मामा ने दो बार दुष्कर्म किया था।
जिससे वह डर गई थी और इस घटना को उसने अपनी दो दोस्तों को बताया था। वहीं से दर्द का बहाना बताकर भागकर तीनों ही दादरी से वाया ट्रेन दिल्ली तथा हरिद्वार चली गई थीं। इसके बाद जब उन्हें लगा कि मामा चला गया होगा तो वापस लौट रही थीं।
सौतेले मामा और मां ने काटा था स्कूल में बवाल
छात्राओं के गायब होने के बाद सौतेले मामा ने अपनी करतूत को छिपाने के लिए अपने द्वारा की गई घटना को स्कूल के अध्यापक पर थोप दिया। आरोपी लगातार पुलिस पर दबाव बना रहा था कि वह शिक्षक को गिरफ्तार करे।
मगर पुलिस पूरे मामले को गंभीरता से जांच रही थी और शुरू से ही उस पर संदेह हो गया था। सौतेले मामा द्वारा दुष्कर्म की घटना को पुन: होने के डर से छात्रा ने अपनी घनिष्ठ दोस्तों को जानकारी दी तो उसकी सहेली भी उसका साथ देने के लिए तैयार हो गईं।
उन्होंने दोस्ती निभाने के लिए ही अपनी सहपाठी का सहयोग करते हुए उसके साथ घर छोड़कर भागना बेहतर समझा था।