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अब सेंट स्टीफन ने की इलाज में लापरवाही, ठुका 6.54 लाख का जुर्माना

Mon, 11 Dec 2017 09:44 AM IST
अरुण कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
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st. stephen hospital
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दिल्ली के नामी सेंट स्टीफन अस्पताल की लापरवाही से हार्ट फेलियर से ग्रसित महिला की उचित उपचार न मिलने से मौत हो गई थी। इस मामले में फैसला सुनाते हुए फोरम ने टिप्पणी की कि जीवन की क्षति किसी भी तरीके से पूरी नहीं की जा सकती, लेकिन मृतका के परिजनों और चाहने वालों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए अस्पताल जिम्मेदार है।
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फोरम ने अस्पताल को आदेश किया कि वह पीड़ित परिवार के मानसिक उत्पीडन की भरपाई के लिए 6.54 लाख रुपये का मुआवजा दे। गाजियाबाद निवासी ओम प्रकाश सेठ ने कश्मीरी गेट स्थित सेंट स्टीफन अस्पताल के खिलाफ फोरम में शिकायत दायर की थी।

उन्होंने बताया कि 5 जनवरी 2012 को उन्होंने 70 वर्षीय पत्नी को सांस लेने में परेशानी होने के कारण सेंट स्टीफन अस्पताल में भर्ती कराया था। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उनकी पत्नी अस्पताल में भर्ती हुई तब वह होश में थीं और चलने-फिरने के साथ बातें भी कर रही थीं।
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अस्पताल में मेडिकल परीक्षण के बाद उन्हें बताया गया कि उनकी पत्नी ह्रदय संबंधी कई बीमारियों से ग्रसित हैं। उनकी पत्नी का ईको टेस्ट 5 जनवरी को ही करना तय हुआ था, लेकिन लापरवारी के कारण 12 जनवरी को किया गया।

उनका कहना है कि उनकी पत्नी का हार्ट फेल होने की स्थिति बनी हुई थी, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें कार्डियक आईसीयू में भर्ती नहीं किया और न ही ह्रदय रोग विशेषज्ञ ने उनका उपचार किया। 12 जनवरी को डॉक्टरों की लापरवाही के कारण उनकी पत्नी की हालत और बिगड़ गई।
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रिपोर्ट भी नहीं दे पाया अस्पताल

st. stephen hospital
इसके बावजूद उन्हें कार्डियक आईसीयू में भर्ती नहीं किया गया। 14 जनवरी तक उनकी पत्नी की हालत और खराब हो गई। उनकी धड़कनें रुक-रुक कर चलने लगीं और ब्लड प्रेशर बहुत कम हो गया।

इसके बावजूद डॉक्टरों ने उनका उचित उपचार नहीं किया। इस कारण सुबह करीब 5:50 बजे उनकी पत्नी की मौत हो गई। उनकी पत्नी के इलाज के लिए बनाए गए बिल में भी अस्पताल ने गड़बड़ी की। 

अस्पताल के खिलाफ पीड़ित ने मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के मेडिकल बोर्ड के समक्ष मामला पेश किया तो सेंट स्टीफन अस्पताल से 24 घंटे में पीड़ित की पत्नी को दिए गए उपचार की रिपोर्ट मांगी गई। अस्पताल रिपोर्ट देने में नाकाम रहा।

अस्पताल पर उपभोक्ता फोरम हुआ सख्त 
पीड़ित की शिकायत के साथ पेश साक्ष्यों के आधार पर सेंट स्टीफन अस्पताल को इलाज में लापरवाही का दोषी मानते हुए फोरम ने 5 लाख रुपये मानसिक प्रताड़ना की क्षतिपूर्ति, 1 लाख 3 हजार अस्पताल का बिल और 52,384 रुपये दवाइयों के खर्च के रूप में मृतका के पति को बतौर मुआवजा देने का आदेश दिया।

अस्पताल को कुल 6 लाख 54 हजार 249 रुपये पीड़ित को देने का आदेश दिया गया है।
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