ऋण का भुगतान नहीं होने पर एसआरएस ग्रुप के चेयरमैन अनिल जिंदल परिवार की चार कोठियों को बैंक ऑफ बड़ौदा ने कब्जे में ले लिया है। अपना बकाया भुगतान हासिल करने के लिए बैंक इन कोठियों को नीलाम कर सकता है।
इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसके साथ ही जिंदल ग्रुप की ही चार अन्य कोठियों पर भी बैंक कब्जा लेने की तैयारी में है। इन कोठियों पर एसआरएस फाइनेंस लिमिटेड ने बैंक ऑफ बड़ौदा से 65 करोड़ रुपये का ऋण ले रखा था।
कब्जे में ली गई तीन कोठियां जिंदल परिवार की हैं जबकि एक ग्रुप के निदेशक नानक चंद तायल की है। एसआरएस ग्रुप ने अपनी कंपनी एसआरएस फाइनेंस लिमिटेड में वर्ष 2016 में जिंदल परिवार व अन्य निदेशकों की आठ कोठियों को गिरवी रखकर बैंक ऑफ बड़ौदा से 65 करोड़ रुपये का ऋण लिया था।
ऋण लेने के कुछ माह बाद ही एसआरएस फाइनेंस लिमिटेड ने ब्याज का भुगतान करना बंद कर दिया। दो साल से ऋण का भुगतान नहीं होने के कारण बैंक ने एसआरएस फाइनेंस लिमिटेड को डिफाल्टर घोषित कर दिया।