फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Video: महात्मा गांधी के बाद 'नेता जी' की तस्वीर के आगे फूट-फूटकर रोया सपा कार्यकर्ता, किसी से भी यह न देखा गया

Tue, 10 Oct 2023 07:48 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद

सार

कार्यकर्ता को फूट-फूटकर रोते हुए देखकर वहां मौजूद लोगों ने उसे संभाला। इसके बाद उसे लोगों ने बैठाया। इस बीच किसी ने वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया।
विज्ञापन
फूट-फूटकर रोया सपा कार्यकर्ता - फोटो : वीडियो ग्रैब
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सपा के संरक्षक व पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की आज पहली पुण्यतिथि है। इस मौके पर एक सपा कार्यकर्ता मुलायम सिंह यादव की तस्वीर पर पुष्प अर्पित करने के दौरान इतना भावुक हो गया कि वहीं पर जमीन पर गिरकर फूट-फूटकर रोने लगा। कार्यकर्ता को फूट-फूटकर रोते हुए देखकर वहां मौजूद लोगों ने उसे संभाला। इसके बाद उसे लोगों ने बैठाया। इस बीच किसी ने वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। सपा समर्थक भी इस वीडियो को सोशल मीडिया पर खूब शेयर कर रहे हैं। इससे पहले 2019 में गांधी जयंती के दौरान भी सपा नेता का महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने फूट-फूटकर रोने का वीडियो वायरल हुआ था।

विज्ञापन


वायरल हो रहा वीडियो गाजियाबाद का बताया जा रहा है। करीब 36 सेकेंड के वीडियो में देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति हाथों में फूल लेकर मुलायम सिंह यादव की तस्वीर की ओर बढ़ता है और फूल अर्पित करता है। इसके बाद वह भावुक होकर रोने लगता है। कुछ देर बाद वह जमीन पर गिर जाता है और फूट-फूटकर रोने लगता है। यह सब देखकर वहां मौजूद अन्य लोग उसे जमीन से उठाते हैं और सहारा देते हुए उसे शांत कराते हैं। 
विज्ञापन

2019 में गांधी जयंती पर बापू की प्रतिमा के आगे फूट-फूटकर रोए थे सपा नेता 
आज से करीब चार साल पहले यानी 2 अक्तूबर 2019 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश के चंदौसी जिले में सपा नेता फिरोज खां गांधी प्रतिमा के चरणों में बैठकर फूट-फूटकर रोने लगे थे। वहां मौजूद अन्य नेताओं ने भी उनका साथ दिया था और वह भी रोने लगे थे। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। इस दौरान सपा नेताओं ने कहा था कि गांधी के देश में दलितों, अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव और अत्याचार हो रहा है। इसके बाद अन्य साथियों ने उन्हें चुप कराया था और कहा था कि गांधी के देश में किसी के साथ भेदभाव और अत्याचार नहीं होना चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें