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सरकार चलाना कोई बच्चों का खेल नहीं है: सोनिया गांधी

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सोनिया गांधी ने दिल्ली की पहली चुनावी रैली में विपक्षियों पर जमकर तीर छोड़े। अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कुछ लोग सरकार बनाना और चलाना बच्चों का खेल समझते हैं। लेकिन वह ऐसा कर नहीं पाते हैं और हार जाते हैं।
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रैली उन्होंने किसी भी विपक्षी दल का नाम नहीं लिया लेकिन एक-एक कर सबपर बरसीं। पहली बार उन्होंने अरविंद पर निशाना साधते हुए सरकार चलाने के तरीके पर प्रहार किए।

उन्होंने कहा कि लोग कांग्रेस को मुद्दों की बजाय दुर्भवना की वजह से आरोप लगा रहे हैं, जबकि कांग्रेस अपने विरोधियों से भी प्रेमपूर्वक व्यवहार कर रही है।
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बीजेपी पर भी हमला

सोनिया गांधी ने बीजेपी पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि कुछ लोग देश को टुकड़ों में बांटने में लगे हैं। वे केवल देश के एक हिस्से के बारे में सोचते हैं। जबकि कांग्रेस पूरे देश को एकजुट विकास के रास्ते पर ले जाने का काम कर रही है। यूपीए टू ने इस दिशा में कई कदम बढ़ाए हैं।

इसके बाद उन्होंने एक-एक कर यूपीए टू की सरकार के दौरान बनाए गई योजनाओं और पास किए बिलों का जिक्र किया। उन्होंने देश के बहादुर जवानों और देश की महिलाओं के लिए उल्लेखनीय कदम उठाए हैं।

जो लोग कांग्रेस पर आरोप लगाते हैं, वे नहीं जानते हैं कि भारत विविध संस्कृतियों वाला देश है। यहां अनेकता में एकता होती है।

कांग्रेस के बलिदान गिनाकर मांगे वोट

दिल्ली में पहली चुनावी रैली करते हुए सोनिया गांधी ने कांग्रेस के प्रत्याशियों के लिए वोट मांगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश के लिए कई बलिदान दिए हैं, जनता उन्हें कैसे भूल सकती है।

कांग्रेस पार्टी ने अपने खून-पसीने से देश को सींचा है और आगे बढ़ाया है। इस बात का कांग्रेस को फक्र है कि कांग्रेस के नेताओं ने राष्ट्रीयता और देशभ‌िक्ति के लिए जान की कुर्बानी दी।

उन्होंने कहा कि कुछ लोग के लिए कुर्बान होने की बात करते हैं, उन्हें अगर वाकई देश के ‌लिए कुर्बान होने की सीख लेनी है तो कांग्रेस के नेताओं को देखें, जो देश के लिए कुर्बान हो गए।

नेताओं ने ‌दिखाए दम

प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारियों ने भीड़ जुटाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। करोल बाग स्थित पार्क में रविवार को हुई रैली में भारी संख्या में भीड़ आई। इसके साथ ही विधानसभा चुनाव में राहुल गांधी की रैलियों में भीड़ की वजह से हुई किरकिरी होने से बच गई।

पार्टी सूत्रों के अनुसार सोनिया गांधी की रैली में पहुंची भीड़ विधानसभा व वार्ड स्तर तक के पदाधिकारियों पर डाली गई जिम्मेदारी का नतीजा है।

दरअसल, सांसदों, हारे व जीते विधायकों, हारे व जीते निगम पार्षदों, स्थानीय कांग्रेस पदाधिकारी भी सप्‍ताह भर पहले से इसके लिए काम कर रहे थे। करीब एक हजार पार्टी कार्यकर्ताओं की फौज भी लगाई गई थी।
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एसपीजी ने संभाला सुरक्षा का जिम्मा

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की रविवार को दिल्ली के करोल बाग स्थित अजमल खां पार्क में हुई पहली चुनावी रैली के सुरक्षा की जिम्‍मेदारी एसपीजी एसपीजी को सौंपी गई थी।

वहीं मंच के साथ लोगों को बैठने का इंतजाम शनिवार शाम तक कर ली गई थी। दो दिन पहले ही आईएम चीफ ने खुलासा किया था कि दिल्ली आतंकियों के निशाने पर है। इसलिए एसपीजी ने सोनिया गांधी की रैली को पूरी तरह सिक्योर करने की जिम्मेदारी ली थी।

इसके बावजूद पुलिस की एक टुकड़ी परिसर के बाहर की निगरानी के ‌लिए रखी गई थी। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह ने राजधानी के कई हिस्सों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं अलर्ट कर दिया था। जब‌कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रभारी महासचिव शकील अहमद ने रैली से पहले ही दो-दो बार अजमल खां पार्क का दौरा कर ‌लिया था।
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