सोनम वांगचुक ने एक्स अकाउंट से पोस्ट साझा करते हुए लिखा, हमने आखिरकार लद्दाख भवन नई में अपना अनशन शुरू करने का फैसला किया है, जहां मुझे पिछले चार दिन से लगभग हिरासत में रखा गया है।
लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शांतिपूर्ण भूख हड़ताल करने के लिए जगह न देने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि हम ऐसी जगह ढूंढ रहे थे जहां हम अपनी शांतिपूर्ण भूख हड़ताल कर सकें लेकिन जगह नहीं दी गई। ऐसे में हमारे पास लद्दाख भवन से भूख हड़ताल शुरू करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था, जहां हमें एक तरह से हिरासत में रखा गया है। देश के शीर्ष नेतृत्व से मिलने का आश्वासन दिया गया था, उसके लिए हमें कोई तारीख नहीं दी गई है। हमें फिर से भूख हड़ताल शुरू करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
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बता दें कि सोनम वांगचुक ने जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल करने की इजाजत मांगी थी, जिसकी अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि 30 से 32 दिनों तक चलने के बाद हम यहां आए हैं। दिल्ली में अपने देश के कुछ शीर्ष नेताओं से मिलना चाहते हैं और उनसे अपनी शिकायतें साझा करना चाहते हैं। उन्होंने अपने एक्स अकाउंट से पोस्ट साझा करते हुए लिखा, हमने आखिरकार लद्दाख भवन नई में अपना अनशन शुरू करने का फैसला किया है, जहां मुझे पिछले चार दिन से लगभग हिरासत में रखा गया है।