झांसी मेडिकल कॉलेज का एक वीडियो सामने आया है। इसमें मेडिकल कॉलेज प्रशासन की लचर व्यवस्था साफ दिख रही है। यहां दो बच्चियों को स्ट्रेचर नहीं मिली और पिता गोद मे ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर बच्चियों को एक्सरे कराने ले गया।
झांसी मेडिकल कॉलेज प्रशासन के तमाम दावे के बावजूद इमरजेंसी में आने वाले स्ट्रेचर की व्यवस्था बेपटरी बनी हुई है। यही वजह है कि इमरजेंसी में भर्ती तीन माह की दो बच्चियों को स्ट्रेचर नहीं मिली और पिता गोद मे ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर बच्चियों को एक्सरे कराने ले गया।
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मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के बच्चा वार्ड में भर्ती तीन माह की शिफा को निमोनिया और आराध्या को दिल की बीमारी है। दोनों बच्चियों को डॉक्टर ने एक्सरे करने के लिए कहा। वॉर्ड बॉय ने एक ही ऑक्सीजन सिलेंडर से दोनों बच्चियों की ऑक्सीजन लाइन तो जोड़ दी, मगर स्ट्रेचर नहीं मिली। इस पर एक बच्ची के पिता ने सिलेंडर कन्धे पर लाद लिया और दोनों बच्चियों को उनकी माताएं गोद में लेकर एक्सरे कराने ले गईं।
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. सचिन माहुर का कहना है कि दोनों बच्चियां सेंट्रल ऑक्सीजन बेड पर थीं। दोनों का एक्सरे होना था। डॉक्टर ने दोनों को ऑक्सीजन सिलेंडर लगाया है। वॉर्ड बॉय को एक्सरे के लिए लेकर जाने के लिए कहा। जब तक वॉर्ड बॉय स्ट्रेचर लेकर आया, तब तक परिजन सिलेंडर लेकर निकल गए।