दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में रहने वाली अफ्रीकी मूल की महिलाओं से छेड़छाड़ मामले में दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री सोमनाथ भारती और उनके अधिवक्ता के दो आवेदन पर तीसरे जज ने सुनवाई की।
एक आवेदन में भारती ने छेड़छाड़ के फर्जी मामले में फंसाने का आरोप लगाते हुए पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आग्रह किया है। वहीं, दूसरे में अधिवक्ता ने एक जज पर मानहानि का आरोप लगाया है। अदालत ने दोनों आवेदन पर फैसला सुरक्षित रख लिया है।
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साकेत अदालत स्थित अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट तरुण योगेश के समक्ष मामले में सुनवाई तय हुई। भारती के अधिवक्ता ने तर्क रखा कि मालवीय नगर पुलिस ने राजनीतिक दबाव में उनके मुवक्किल के खिलाफ अफ्रीकी मूल की महिलाओं से छेड़छाड़ का फर्जी मामला दर्ज किया है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय पुलिस उपायुक्त, मालवीय नगर के पूर्व व वर्तमान थानाध्यक्ष सहित अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने का निर्देश दिया जाए। दूसरी तरफ भारती के अधिवक्ता दीपक खोसला ने मानहानि का आवेदन दायर किया।
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उन्होंने मजिस्ट्रेट नीति फुटेला पर आरोप लगाया कि उन्होंने तीन नवंबर को गलत तरीके से अपने आदेश में लिखा है कि उन्होंने असंसदीय भाषा का प्रयोग करते हुए अदालत का अपमान किया है।
उन्होंने कहा कि अदालत में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ था और मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में उनके प्रति इस प्रकार लिखकर उनकी मानहानि की है। इसलिए उनके खिलाफ मुकदमा चलाने का निर्देश दिया जाए।