किसी भी देश के विकास के लिए बिजली आधारभूत जरूरत है। देश के विकास में सोलर एनर्जी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
केंद्र सरकार देश में पहली सोलर ट्रेन दौड़ाने की योजना पर काम कर रही है। सोलर प्लांट लगाने से देश में बिजली की कमी नहीं होगी।
सोलर एनर्जी ग्लोबल वॉर्मिंग के संकट से भी लड़ने में अहम योगदान दे सकती है। यह कहना था विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री डा. हर्षवर्धन का। वह औद्योगिक क्षेत्र साइट फोर स्थित सेंट्रल इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड कंपनी के कार्यक्रम में पहुंचे थे।
उन्होंने कंपनी के स्वचालित सौर विद्युत मॉड्यूल उत्पादन प्लांट को राष्ट्र को समर्पित किया। डा. हर्षवर्धन ने कहा कि सीईएल का यह प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री की ‘मेक इन इंडिया’ योजना की प्रगति और विकास में बड़ा योगदान देगा।
यहां बनने वाली सोलर मॉड्यूलर से घर को सोलर पावर हाउस बना सकते हैं। इससे लोगों को बिजली नहीं खरीदनी पड़ेगी। इस दौरान केंद्रीय मंत्री वाईएस चौधरी, केंद्रीय मंत्री वीके सिंह, विधायक अमरपाल शर्मा, सीईएल कंपनी के सीएमडी नलिन सिंघल और समस्त कर्मचारी मौजूद रहे।
प्लांट की 40 मेगावाट से 200 मेगावाट की क्षमता करने की योजना
जीएसआईआर सीएसआईआर की संयुक्त सचिव जी अनुपमा ने बताया कि सेल कंपनी के इस नए प्लांट में हर साल 40 मेगावाट बिजली बनाने के सौर विद्युत मॉड्यूलर तैयार किए जा सकते हैं।
पहले कंपनी एक दिन में 150 वॉट के 50 से 60 सौर विद्युत मॉड्यूलर बनाती थी, लेकिन इस प्लांट के जरिए कंपनी एक दिन में 300 वॉट के 360 मॉड्यूलर एक दिन में बना सकती है।
जिन ग्रामीण इलाकों में बिजली नहीं पहुंच पाती। वहां पर सौर ऊर्जा से बिजली की आपूर्ति की जा सकती है। केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने कहा कि अभी 40 मेगावाट की क्षमता का प्लांट कंपनी चला रही है। कुछ समय बाद इस प्लांट की क्षमता को 200 मेगावाट करने की योजना कंपनी बना रही है।