गुरुग्राम की सड़कों पर अब सौर ऊर्जा से रिक्शे दौड़ते नजर आएंगे। साहिबाबाद की सीईएल (सेंट्रल इलेक्ट्रानिक लिमिटेड) कंपनी ने सोलर रिक्शा का मॉडल तैयार किया है। शुक्रवार को गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड स्थित राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान में आयोजित सौर ऊर्जा प्रदर्शनी में रिक्शे को प्रमुखता से शामिल किया गया।
कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शामिल ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राज कुमार सिंह ने रिक्शे की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि दिल्ली एनसीआर के लिए ऐसे रिक्शे बेहद फायदेमंद होंगे।
सीईएल के तकनीकी मैनेजर डॉ. संजय कुमार ने बताया कि सोलर रिक्शे के ऊपर सोलर प्लेट लगी है, जिससे बैटरी चार्ज होगी। रिक्शे में ऐसी तकनीकी का इस्तेमाल किया गया है कि छाया में खड़े होने पर भी बैटरी चार्ज होती रहेगी।
एक बार बैटरी चार्ज होने पर रिक्शा 60 से 80 किलोमीटर तक की दूरी तय करेगा। सीधे सूरज की रोशनी से चार्ज होने पर औसत और बेहतर होगा। एक रिक्शे की कीमत करीब 75 हजार रुपये है।
रिक्शे की खास बात यह है कि पिछले हिस्से को खोलकर बिस्तर तैयार किया जा सकता है। इसका इस्तेमाल ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों को अस्पतालों तक ले जाने के लिए भी किया जा सकता है।
डॉ. संजय ने बताया कि रिक्शे में अभी और सुधार की गुंजाइश है। इसके लिए तकनीकी विभाग लगातार काम कर रहा है। रिक्शे में लीथियम आयन बैटरी के उपयोग पर काम किया जा रहा है। इससे रिक्शा और हल्का हो जाएगा।
इसमें दो सवारी आराम से बैठ सकते हैं। रिक्शे में 250 वाट का मोटर और 320 वाट का सोलर पैनल लगाया गया है। उन्होंने कहा कि सोलर के उपयोग से एनसीआर को प्रदूषण से मुक्ति मिलेगी। इसके उपयोग के कई फायदे होंगे।