प्रदेश सरकार द्वारा निकाय चुनावों की घोषणा करते ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवार मतदाताओं से तालमेल बढ़ाने में जुट गए हैं। सोहना नगर परिषद का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
इससे चुनावों में संशय की स्थिति बनी हुई है। ऐसा होने से सोहना परिषद् का चुनाव स्थगित होने के आसार हैं। हालांकि, हाईकोर्ट ने मामले में अभी तक स्टे आदेश पारित नहीं किए हैं, जिसके लिए याचिकाकर्ता जुट गए हैं।
पांच, सितंबर 2014 को सरकार द्वारा स्थानीय पार्षदों व नागरिकों के एतराज के बावजूद सोहना नगर पालिका को नगर परिषद् का दर्जा दिया गया। इसकी अधिसूचना स्थानीय शहरी निकाय विभाग द्वारा लिखित रूप में जारी कर दी गई थी।
स्थानीय नागरिकों को यह अधिसूचना रास नहीं आई। उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर न्याय की गुहार लगाई। जिसके लिए हाईकोर्ट ने आगामी सुनवाई के लिए 8 जुलाई की तारीख निर्धारित की है। कोर्ट ने प्रतिवादियों को अपना जवाब दाखिल करने का भी फरमान सुनाया है।