गाजियाबाद कचहरी में शुक्रवार को एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर पति एक वकील के चेंबर पर पहुंचा। उसने वकील से गुहार लगाई कि उसे तलाक लेना है, लेकिन इस तलाक के मामले में वह ऐसा कुछ करे कि उसकी पत्नी महीने में तीन दिन बार कोर्ट की तारीखों पर आए, ताकि वह उसे परेशान होता देख सके।
वहीं, वकील ने युवक की अटपटी बातें सुनकर उसका केस लड़ने से मना कर दिया। मूलरूप से मुजफ्फरनगर का रहने वाला एक युवक नोएडा की कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर काम करता है। उसका कहना है कि वह इन दिनों किराए पर कविनगर इलाके में रहता है।
उसका कहना है कि एक साल पहले परिवार के दवाब में उसने गाजियाबाद की रहने वाली युवती से शादी कर दी थी। आरोप है कि शादी के दौरान उसे बताया गया कि उसकी पत्नी ग्रेजुशन पास है, लेकिन बाद में पता चला कि उसकी पत्नी केवल आठवीं पास है।