राजधानी की सड़कों पर दो लाख ऑटो और दौड़ेंगे। दिल्ली परिवहन विभाग ने ऑटो की संख्या बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। विभाग ने आबादी के लिहाज से दिल्ली में परमिट बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। इसके लिए मुंबई और चेन्नई जैसे शहरों को आधार बनाया गया है।
परिवहन विभाग के सूत्रों की मानें तो दो लाख नए परमिट जारी करने की मंजूरी मांगी गई है। इसमें तर्क रखा गया है प्रत्येक एक हजार व्यक्ति पर 20 ऑटो होने चाहिए। इस प्रस्ताव के आधार पर दिल्ली की आबादी के लिहाज से विभाग को दो लाख नए ऑटो चाहिए। तर्क है कि मुंबई और चेन्नई की आबादी दिल्ली से कम है, लेकिन वहां 2.50 लाख परमिट जारी किए गए हैं।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, अभी प्रस्ताव को सुप्रीम कोर्ट भेजा गया है। हालांकि यह मंजूरी कब तक मिलेगी, यह कहना संभव नहीं है। विभाग का कहना है कि अगर ज्यादा ऑटो होंगे तो यात्रियों को इसका फायदा मिलेगा।
गौरतलब है कि दिल्ली में वर्तमान में एक लाख ऑटो परमिट जारी करने की मंजूरी है। इसमें 45,000 परमिट की मंजूरी इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने दी थी, जिसमें 20,000 सामान्य वर्ग और 15,000 आरक्षित वर्ग में परमिट जारी किए जा चुके हैं।
एनसीआर परमिट के 5500 आवेदन मंगाए गए हैं, जबकि अन्य देने की प्रक्रिया जारी है। अब परिवहन विभाग दोबारा से दिल्ली में आबादी के लिहाज से इसकी संख्या बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट को दरवाजे पर पहुंच गया है।