ब्लू लाइन पर बृहस्पतिवार को चलती मेट्रो ट्रेन के कोच की छत पर लगे एसी पैनल में अचानक से उठे धुएं के गुबार से यात्रियों की सांसें अटक गईं। हालांकि मेट्रो का कहना है कि सिर्फ धुआं निकला है कोच में आग नहीं लगी है। सभी यात्रियों को सुरक्षित पटेलनगर स्टेशन पर बाहर निकाल लिया गया।
मौके पर फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां भी पहुंची थी। घटना के कारणों की जांच करने का आदेश दे दिया गया है। इस दौरान करीब आधे घंटे तक मेट्रो की सेवाएं प्रभावित रही। बृहस्पतिवार दोपहर बाद करीब चार बजे ब्लू लाइन पर द्वारका सेक्टर 21 से वैशाली/नोएडा जाने वाली ट्रेन के एक कोच में आग लगने की बात सामने आई।
इस ट्रेन के आखिरी कोच के छत के ऊपर से धुएं का गुबार उठ रहा था। पहले लगा कि इसमें आग लगी है लेकिन बताया जा रहा है कि सिर्फ छत से धुआं निकल रहा था। आनन-फानन में इस ट्रेन को पटेलनगर स्टेशन पर रोक दिया गया।
मौके पर तीन फायर टेंडर पहुंच गई थी। पटेलनगर स्टेशन पर सभी यात्रियों को ट्रेन से बाहर सुरक्षित निकाल लिया गया। बताया जा रहा है कि जिस कोच से यह धुआं उठा है उसमें एसी पैनल है। आशंका जताई जा रही है कि एसी सिस्टम में गड़बड़ी के कारण यह दिक्कत सामने आई है।
दिल्ली मेट्रो के मुताबिक ट्रेन को ट्रैक से हटा दिया गया है। इस घटना के कारणों की जांच करने के लिए आदेश दे दिया गया है। मालूम हो कि इससे पहले भी दिल्ली मेट्रो में आग लगने की छोटी घटनाएं हो चुकी है। अप्रैल 2014 में जहांगीरपुरी में मेट्रो ट्रेन में चिंगारी निकलने की बात सामने आई है। इसी वर्ष जुलाई 2016 में रेसकोर्स मेट्रो स्टेशन पर एक कोच की छत पर आग लगी थी।