तापमान में हो रही लगातार गिरावट और हवा की धीमी चाल की वजह से शुक्रवार को राजधानी की हवा खराब श्रेणी से और खराब होते हुए बहुत खराब श्रेणी के करीब पहुंच गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, औसतन वायु गुणवत्ता सूचकांक 296 दर्ज किया गया जबकि एक दिन पहले यह आंकड़ा 283 था। इसके अलावा दिल्ली- एनसीआर में शामिल गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा और नोएडा में बहुत खराब हवा में लोगों ने सांस ली।
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु मानक संस्था सफर के अनुसार, बृहस्पितवार को दिल्ली के पड़ोसी राज्यों हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में करीब 495 पराली जलाने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। इस वजह से पराली के धुएं की दिल्ली के प्रदूषण में करीब 15 फीसदी हिस्सेदारी रही जबकि एक दिन पहले 967 के आंकड़ों के साथ इसकी हिस्सेदारी 20 फ़ीसदी रही थी।
प्रदूषित तत्वों में शामिल पीएम10 का स्तर 231 और पीएम 2.5 का स्तर 136 रहा। इसमें पीएम 2.5 का स्तर खराब श्रेणी में दर्ज किया गया। एक दिन पहले पीएम 10 का स्तर 198 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और पीएम 2.5 का स्तर 112 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया था।
पीएम10 का स्तर 100 से कम व पीएम 2.5 का स्तर 60 से कम होने पर सुरक्षित माना जाता है। सफर के मुताबिक, फिलहाल हवा उत्तर- पश्चिम दिशा की ओर है हालांकि, आने वाले दिनों में हवा की दिशा बदलने की वजह से राजधानी को प्रदूषण से कुछ हद तक राहत मिल सकती है।
दिल्ली -एनसीआर के 3 इलाकों में सबसे खराब रही हवा
तापमान में गिरावट और हवा के रुख की वजह से दिल्ली- एनसीआर में शामिल गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा और नोएडा में हवा का स्तर बहुत खराब श्रेणी में दर्ज किया गया। इसके अलावा गुरुग्राम और फरीदाबाद में हवा का स्तर खराब श्रेणी में रहा। एक दिन पहले सिर्फ गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा की हवा बहुत खराब श्रेणी में दर्ज की गई थी।