दिल्ली में कागज वाले राशन कार्ड को सरकार बाय-बाय कहने जा रही है। इसकी जगह 2डी बार कोड वाले स्मार्ट प्लास्टिक राशन कार्ड बनेंगे।
इस कार्ड में चिप नहीं होगी, लेकिन 2डी बार कोड पर आधार लिंक होगा, जिसमें परिवार के सदस्यों का नाम और आधार नंबर दर्ज होगा। सरकार ने 14 लाख ऐसे राशन कार्ड जारी करने की योजना बनाई है।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ऐसे कार्ड बनाने के लिए एजेंसी चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। जो भी एजेंसी तय होगी वह मासिक ढाई लाख कार्ड बनाकर देगी। संबंधित कंपनी इस कार्ड की पांच साल की गारंटी भी देगी।
अब तक 10 लाख आवेदन
इस कार्ड के एक तरफ कार्ड नंबर, श्रेणी, परिवार के मुखिया का नाम व फोटो और 2डी बार कोड में सभी का नाम व आधार नंबर शामिल होगा। वहीं पिछले हिस्से में परिवार के अन्य सदस्यों के नाम और विभाग का होलोग्राम होगा।
केंद्र सरकार ने खाद्य सुरक्षा योजना के तहत सस्ते दर पर राशन देने की योजना को दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले अध्यादेश के जरिए हरी झंडी दी थी, लेकिन अभी तक कार्ड नहीं बन सके हैं।
खाद्य सुरक्षा योजना में शामिल होने के लिए करीब 10 लाख आवेदन विभाग को मिल चुके हैं। खास बात यह है कि सभी राशन कार्ड का डिजिटलाइजेशन भी किया जाना है, जिससे डिजिटल हस्ताक्षर से सत्यापन हो सके।
फूड सिक्योरिटी बिल से हुआ बदलाव
गौरतलब है कि दिल्ली में 2482 उचित दर की दुकान और 2356 केरोसिन डिपो को 9 सहायक आयुक्त और 70 सर्किल में बांटा गया है। यहां 17.60 लाख राशन कार्ड बने हैं।
हालांकि राशन इनमें से बहुत कम लोगों को मिलता है। गरीबी रेखा के ऊपर वालों को दिल्ली में मिट्टी का तेल और चीनी नहीं मिलती।
यही नहीं, बहुत से राशन कार्ड ऐसे हैं, जिसमें कोई अनाज भी नहीं मिलता है। खाद्य सुरक्षा योजना में नए सिरे से आवेदन मंगाकर उन्हें सस्ते दर पर अनाज उपलब्ध कराया जाना है।