रांका-सौरव दास को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के तीन नेताओं आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में एसईएम कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने आशुतोष रांका, और सौरव दास को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं, अंजिक्य शिंदे को पुलिस ने बॉन्ड भरवाने के बाद रिहा कर दिया है। तिहाड़ जेल में सौरव दास और आशुतोष रांका को अलग-अलग जेल में रखा गया है। सौरव दास को जेल नंबर 2 में रखा गया है। वहीं, आशुतोष रांका को जेल नंबर 4 में रखा गया है।
रिहा होने के बाद सीजेपी नेता अजिंक्य शिंदे ने कहा, 'आप जानते होंगे कि आशुतोष, सौरव दास और मैं, सीजेपी के वॉलंटियर्स के साथ जंतर-मंतर गए थे। हमने बस भारतीय तिरंगा लहराया और 'भारत माता की जय' का नारा लगाया। इसके लिए तानाशाह मोदी-शाह सरकार ने सौरव और आशुतोष को पांच दिन के लिए जेल भेज दिया है। आज आशुतोष का जन्मदिन था, और उनके जन्मदिन पर ही उन्हें 'भारत माता की जय' का नारा लगाने और तिरंगा लहराने के लिए जेल भेज दिया गया है। मैं देश के सभी लोगों से कहना चाहता हूं कि इस सरकार ने देश के लोगों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करने के लिए अपने सिस्टम का इस्तेमाल और अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। मैं सभी से अपील करता हूं कि हमें इस तानाशाह सरकार को खत्म करने के लिए एकजुट होना होगा। मैं यह भी कहना चाहता हूं कि अगर सरकार को लगता है कि हमारे दो नेताओं, आशुतोष और सौरव, को पांच दिन के लिए जेल भेजने से वे डर जाएंगे, तो वह बिल्कुल गलत है। उन्होंने बस इतना कहा है कि वे सिर ऊंचा करके जेल जा रहे हैं। उन्होंने देश के लोगों से कहा है कि वे डरेंगे नहीं।'
सीजेपी के सौरव दास, आशुतोष रंका और अजिंक्य शिंदे की ओर से पेश वकील अभिष्ट हेला ने कहा, 'पुलिस के इस अंदाज़े के आधार पर कि वे कोई अपराध कर सकते हैं, उन्हें पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने कोर्ट में झूठ बोला कि उन्होंने लोगों को वहां आने के लिए कहा था। उन्होंने ऐसा कोई आह्वान नहीं किया था। उन्होंने बॉन्ड का उल्लंघन नहीं किया है। कनॉट प्लेस वाली अलग शिकायत का यहां गलत इस्तेमाल किया गया है, और उन्हें पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।'