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Wazirabad barrage: बैराज के जलस्तर में मामूली सुधार, अभी भी पूरी क्षमता से चलने शुरू नहीं हुए जल शोधन संयंत्र

Tue, 28 Jun 2022 05:58 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

यमुना नदी स्थित वजीराबाद बैराज में करीब ढाई फीट जलस्तर बढ़ गया है। बैराज में जलस्तर अभी भी सामान्य स्तर से करीब साढ़े चार फीट नीचे है। इस कारण उससे जुड़े दिल्ली जल बोर्ड के जल शोधक संयंत्र पूरी क्षमता से चलने शुरू नहीं हुए है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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यमुना नदी स्थित वजीराबाद बैराज में जलस्तर में बढ़ोतरी होनी शुरू हुई, लेकिन अभी भी बैराज में जलस्तर सामान्य स्तर पर नहीं पहुंचा है। इस कारण उससे जुड़े दिल्ली जल बोर्ड के जल शोधक संयंत्र पूरी क्षमता से चलने शुरू नहीं हुए है। लिहाजा अनेक इलाकों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने का सिलसिला जारी है। इन इलाकों के लोगों को गर्मी के बीच पर्याप्त पेयजल नहीं मिल रहा है। दिल्ली जल बोर्ड का कहना है कि हरियाणा से अभी भी पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल रहा है। इससे बैराज का जलस्तर सामान्य नहीं हो सका है। इससे जल शोधन संयंत्र क्षमता से कम पर काम रहे हैं। नतीजन करीब सौ एमजीडी पानी कम मिल रहा है।
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यमुना नदी स्थित वजीराबाद बैराज में सामान्य जलस्तर 674.50 फीट है, लेकिन गत 12 मई से हरियाणा से पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण बैराज में जलस्तर निरंतर गिरता रहा और बैराज में जलस्तर सात फीट से अधिक नीचे चला गया था। उत्तराखंड में बारिश होनी शुरू होने के बाद अब तीन दिन से बैराज में जलस्तर में बढ़ोतरी होनी शुरू हुई है। बैराज में करीब ढाई फीट जलस्तर बढ़ गया है। हालांकि बैराज में जलस्तर अभी भी सामान्य स्तर से करीब साढ़े चार फीट नीचे है।

दिल्ली जल बोर्ड के अनुसार बैराज से जुड़े उसके चंद्रावल, वजीराबाद एवं ओखला जल शोधक संयंत्रों को अभी भी पर्याप्त पानी मिलना नहीं शुरू हुआ है। इस कारण इन तीनों संयंत्रों से उनकी क्षमता के अनुसार 250 एमजीडी पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। दरअसल ये संयंत्र पूरी क्षमता से नहीं चल रहे हैं। इन संयंत्रों से करीब 200 एमजीडी पानी की आपूर्ति हो रही है।
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दूसरी ओर मुनक नहर में भी हरियाणा से पर्याप्त पानी नहीं आ रहा है। इस कारण नहर से जुड़े दिल्ली जल बोर्ड के हैदरपुर-एक व दो, नांगलोई, बवाना और द्वारका जल शोधक संयंत्र के इलाकों में पेयजल संकट बना हुआ है। दरअसल इन पांचों संयंत्रों से 350 एमजीडी पानी की आपूर्ति होती थी, मगर अब 300 एमजीडी पानी की भी आपूर्ति नहीं हो पा रही है।

दिल्ली जल बोर्ड के अनुसार मानसून आने के बाद ही उसे हरियाणा से पर्याप्त मात्रा में कच्चा पानी मिलना आरंभ होगा और तभी उसके सभी आठ संयंत्र पूरी क्षमता से चल पाएंगे, क्योंकि मानसून के दौरान हरियाणा के पास अतिरिक्त पानी का भंडारण करने की व्यवस्था नहीं है और वह हथिनीकुंड से निरंतर पानी छोड़ता रहता है। इस तरह जुलाई माह में पानी की समस्या दूर हो जाएगी।

इन इलाकों में करीब डेढ़ माह से गहराया हुआ है पेयजल संकट
नई दिल्ली, सिविल लाइंस, हिंदू राव अस्पताल, कमला नगर, शक्ति नगर, करोल बाग, पहाड़ गंज, राजेंद्र नगर, पटेल नगर, बलजीत नगर, प्रेम नगर, इंद्रपुरी, कालकाजी, गोविंदपुरी, तुगलकाबाद, संगम विहार, अंबेडकर नगर, प्रहलादपुर, रामलीला ग्राउंड, दिल्ली गेट, सुभाष पार्क, मॉडल टाउन, गुलाबी बाग, पंजाबी बाग, जहांगीरपुरी, मूलचंद, साउथ एक्सटेंशन, ग्रेटर कैलाश, बुराड़ी, दिल्ली छावनी, उत्तरी दिल्ली, उत्तर पश्चिम दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली और दक्षिणी दिल्ली के इलाके।
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