दूसरी ओर मुनक नहर में भी हरियाणा से पर्याप्त पानी नहीं आ रहा है। इस कारण नहर से जुड़े दिल्ली जल बोर्ड के हैदरपुर-एक व दो, नांगलोई, बवाना और द्वारका जल शोधक संयंत्र के इलाकों में पेयजल संकट बना हुआ है। दरअसल इन पांचों संयंत्रों से 350 एमजीडी पानी की आपूर्ति होती थी, मगर अब 300 एमजीडी पानी की भी आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
दिल्ली जल बोर्ड के अनुसार मानसून आने के बाद ही उसे हरियाणा से पर्याप्त मात्रा में कच्चा पानी मिलना आरंभ होगा और तभी उसके सभी आठ संयंत्र पूरी क्षमता से चल पाएंगे, क्योंकि मानसून के दौरान हरियाणा के पास अतिरिक्त पानी का भंडारण करने की व्यवस्था नहीं है और वह हथिनीकुंड से निरंतर पानी छोड़ता रहता है। इस तरह जुलाई माह में पानी की समस्या दूर हो जाएगी।
इन इलाकों में करीब डेढ़ माह से गहराया हुआ है पेयजल संकट
नई दिल्ली, सिविल लाइंस, हिंदू राव अस्पताल, कमला नगर, शक्ति नगर, करोल बाग, पहाड़ गंज, राजेंद्र नगर, पटेल नगर, बलजीत नगर, प्रेम नगर, इंद्रपुरी, कालकाजी, गोविंदपुरी, तुगलकाबाद, संगम विहार, अंबेडकर नगर, प्रहलादपुर, रामलीला ग्राउंड, दिल्ली गेट, सुभाष पार्क, मॉडल टाउन, गुलाबी बाग, पंजाबी बाग, जहांगीरपुरी, मूलचंद, साउथ एक्सटेंशन, ग्रेटर कैलाश, बुराड़ी, दिल्ली छावनी, उत्तरी दिल्ली, उत्तर पश्चिम दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली और दक्षिणी दिल्ली के इलाके।