वह मूलत: झारखंड के गुमला का रहने वाला है। पुलिस झारखंड स्थित उसके घर गई तो पता चला कि वह दिल्ली में ही है। इसी बीच एक सूचना के आधार पर उसे किराए के मकान से गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ के दौरान उसने अपराध स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि वह दो अन्य सहयोगियों साहू और गौरी के साथ मिलकर झारखंड से गरीब लड़कियों को अच्छी नौकरी का झांसा देकर दिल्ली लाता है और यहां उन्हें घरेलू नौकरानी लगवा देता है।
उसने बताया कि सोनी कुमारी (16) रांची झारखंड की रहने वाली थी। उसे दिल्ली लाकर घरेलू नौकरानी लगवाया, लेकिन उसका वेतन खुद रखने लगा। एक साल पूरा होने के बाद सोनी ने उससे वेतन मांगा और मना करने पर जोर-जोर से रोने लगी।
वह झारखंड लौटने की जिद करने लगी तो मंजीत ने सहयोगियों के साथ मिलकर उसकी पिटाई कर दी। इसके बाद गला दबाकर उसकी हत्या की और शव के तीन टुकड़े कर पॉलिथीन में रख नाले में फेंक दिए।