हमेशा ही एड्स के बारे में समाज में कई भ्रम प्रचलित रहे हैं। इसे असुरक्षित यौन संबंधों के साथ-साथ कई दूसरी चीजों से भी जोड़ा गया। हालांकि कुछ समय बाद जागरूकता के तौर पर लोगों ने इसे स्वीकार भी किया।
योजना को अमली जामा पहनाया गया तो एचआईवी रोगियों के रिकार्ड के साथ ही उनकी फोटो भी ऑनलाइन होगी। हालांकि एचआईवी रोगियों की जानकारी गुप्त रखने के नियम का पूरा पालन किया जाएगा।
रिकार्ड की तरह ही फोटो भी सरकारी एचआईवी काउंसलर ही देख सकेंगे। जिला अस्पताल के एचआईवी काउंसलिंग विभाग के परामर्शदाता मनोज ने बताया कि एक जगह एचआईवी की पुष्टि होने पर रोगी दूसरे स्थान पर भी जांच कराने पहुंच जाता है।