मतदान के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने नया प्रयोग किया है। आईएमए डाक्टरों ने घोषणा की है कि मतदान के बाद यदि कोई मरीज अपनी उंगली पर स्याही का निशान दिखाएगा तो उसे डॉक्टरी सलाह में 50 फीसदी की छूट प्रदान की जाएगी।
आंकड़े बताते हैं कि मात्र 30-40 फीसदी लोग ही मतदान में रुचि लेते हैं। मतदान प्रतिशत बढ़ाने के प्रति चुनाव आयोग, राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन प्रयासरत रहे हैं।
इसके लिए जागरूकता अभियान, रैलियों-गोष्ठियों का आयोजन किया जाता है। बुद्धिजीवी वर्ग का मानना है कि मतदान प्रतिशत बढ़ाकर ही वास्तविक जनमत आ सकेगा। मतदान के लिए प्रेरित करने के लिए अब आईएमए भी सामने आई है।
आईएमए उत्तर प्रदेश ने घोषणा की है कि मतदान वाले दिन वोट देकर आने के बाद जो भी मरीज उंगली पर स्याही का निशान दिखाएगा उसे एक दिन के लिए चिकित्सक कंसल्टेंट फीस में पचास फीसदी की छूट दी जाएगी।
इसके अलावा एसोसिएशन ने सभी चिकित्सकों को भी अनिवार्य रूप से मतदान करने के निर्देश दिए हैं। चिकित्सक सभी मरीजों को मतदान करने के लिए प्रेरित भी करेंगे।
क्लीनिक या अस्पताल में आने वाले सभी मरीजों को वह यह समझाएंगे कि देश की बागडोर सही हाथों में हो, इसके लिए सभी का वोट देना जरूरी है।