ब्रज घाट गंगा स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को बुधवार तड़के से दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर भयंकर जाम झेलना पड़ा। करीब सात घंटों तक जाम से लोग जूझते रहे। दो जिलों की पुलिस द्वारा तैयार किया गया रूट डायवर्जन का इंतजाम नाकाफी साबित हुआ।
पितृ विसर्जनी अमावस्या के मद्देनजर गंगा भक्तों की भीड़ उमड़ने से वाहनों का दबाव बढ़ने पर बुधवार की सुबह करीब तीन बजे दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भीषण जाम लग गया। इससे गढ़ में स्याना चौपले और अमरोहा के गजरौला के काकाठेर तक दोनों साइडों में वाहनों की लंबी कतार लग गई। करीब एक घंटे तक कार जैसे छोटे वाहन बागड़पुर और महमाई रोड के वैकल्पिक रास्तों से होकर निकलते रहे, लेकिन इसके बाद ये रास्ते भी जाम के झाम में फंस गए।
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पितृ विसर्जनी अमावस्या के मद्देनजर तीर्थनगरी को आ-जा रहे भक्तों को अपने वाहन स्याना चौपला के पास सड़क किनारे खड़े कर ब्रजघाट गंगानगरी में पहुंचने को कई मील लंबी पदयात्रा करने को मजबूर होना पड़ा, जबकि जरूरी कामकाज के लिए आवागमन कर रहे हजारों यात्रियों को भी जाम का झाम झेलना पड़ा। गंगा भक्तों की सुरक्षा और नेशनल हाईवे को जाम मुक्त रखने के मकसद से बुलाई गई। बाहरी थानों से जुड़े कई पुलिस वाले अहम प्वाइंटों से नदारद दिखाई दिए।
सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी नीरज कुमार मौके पर पहुंच गए, जिन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद पुल के आसपास खड़े वाहनों को हटवाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया। हाईवे पर कुछ वाहनों के चालकों ने विपरित दिशा से वाहनों को दौड़ा दिया। इस कारण जाम की स्थिति और भयंकर हो गई। इस दौरान दोपहिया वाहनों और रोडवेज बसों के चालकों ने डिवाइडर पर वाहनों को चढ़ाकर आगे के लिए रास्ता बना लिया।