भूख हड़ताल कर रहे छात्रों से मिले समिति के सदस्य, बातचीत से समाधान निकालने पर जोर
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया प्रशासन ने छात्र संघ चुनाव बहाली सहित विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांगों पर विचार के लिए सात सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति बनाई है। यह समिति प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत करेगी। इसका उद्देश्य परिसर में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करना है।
रविवार शाम को कुलपति मजहर आसिफ की अध्यक्षता में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें रजिस्ट्रार मोहम्मद महताब आलम रिजवी और परीक्षा नियंत्रक एहतेशामुल हक सहित कई डीन व अधिकारी शामिल थे। बैठक में छात्रों की मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशासन ने कहा कि वह आपसी विश्वास और समझ के आधार पर बातचीत से विवाद सुलझाने को प्रतिबद्ध है। उसने छात्रों और अन्य संबंधित पक्षों से सहयोग की अपील भी की है। सोमवार को समिति के कुछ सदस्यों ने भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने छात्रों की मांगों को सुना और उन्हें अपनी एक समिति बनाकर मसौदा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इस बैठक में भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के स्वास्थ्य की जांच और 17 अक्तूबर की घटना पर भी बात हुई।
छात्र संघ चुनाव का इतिहास
जामिया में छात्र संघ चुनाव वर्ष 2006 से बंद हैं। प्रशासन के अनुसार, परिसर में हिंसक झड़पों, शिक्षकों पर हमलों और कक्षाएं बाधित होने के बाद इन्हें बंद किया गया था। वर्ष 2022 में दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव कराने का निर्देश दिए बिना मामले का निपटारा किया था।
छात्रों का प्रदर्शन और मांगें
छात्र 12 अक्तूबर से भूख हड़ताल पर हैं। मोहम्मद जासिम अली, एबिन, रिहान हैदर और रिहान पंवार भूख हड़ताल पर बैठे हैं। 17 अक्तूबर को आंदोलन कर रहे छात्रों को हटाने पर हंगामा हुआ था। इसके बाद परिसर में तनाव बढ़ने पर पुलिस बल तैनात किया गया था। छात्र गुलिस्तान गालिब लॉन के गेट नंबर सात के पास दोबारा भूख हड़ताल पर बैठ गए थे।