फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सात फॉगिंग मशीन पर  है 16 लाख आबादी की सुरक्षा, तेजी से बढ़ रहे मरीज 

Mon, 26 Sep 2016 12:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
विज्ञापन
platelets, dengue - फोटो : Demo Pic
विज्ञापन
औद्योगिक नगरी में भी डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन नगर निगम अभी भी फॉगिंग को लेकर गंभीर नहीं है। 
विज्ञापन


यहां तक कि उसके पास पर्याप्त संसाधन तक उपलब्ध नहीं हैं। जानकर हैरानी होगी कि नगर निगम सीमा क्षेत्र में बसी करीब 16 लाख आबादी की सुरक्षा महज सात पुरानी फॉगिंग मशीनों पर है। 

बीमारी के प्रकोप को देखते हुए भी नगर निगम ने कोई अतिरिक्त मशीन की व्यवस्था नहीं की। सरकार में शामिल मंत्री और विधायक बेशक दावा करें पर हकीकत ये है किे यहां निगम और स्वास्थ्य विभाग दोनों बीमारी की रोकथाम में लापरवाह नजर आ रहे हैं। 
विज्ञापन


ज्ञात हो कि नगर निगम का क्षेत्रफल 207 किलोमीटर की परिधि में फैला हुआ है। वर्तमान में 91 सेक्टरों और और 141 कॉलोनियों के रखरखाव की जिम्मेदारी है। 

निगम सीमा क्षेत्र में करीब 3.50 लाख हाउस होल्ड हैं जिनकी अनुमानित आबादी 16 लाख तक पहुंच गई है। पिछले एक महीने से पूरा शहर बुखार, चिकनगुनिया, डेंगू और मलेरिया की चपेट में है। 

कोई घर ऐसा नहीं है जहां कोई एक बीमारी से पीड़ित न हो। सरकारी से लेकर निजी अस्पतालों तक मरीजों की लाइन लगी है। मजबूरी में एक बेड पर दो-दो मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। बावजूद इसके फॉगिंग के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है।

सूत्रों की मानें तो वर्तमान में निगम के पास 3 बड़ी और 6 छोटी मशीनें हैं। जिनमें से एक बड़ी और एक छोटी मशीन खराब पड़ी है। 

पिछले दिनों निगमायुक्त सोनल गोयल ने स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर 6 छोटी और 3 बड़ी मशीनों की मांग की थी लेकिन अभी तक मशीन उपलब्ध नहीं हो पाई हैं। यही नहीं मैनपावर की भी भारी कमी है। निगम ने स्वास्थ्य विभाग से 20 फील्ड वर्कर भी देने का अनुरोध किया है। 
विज्ञापन


प्रत्येक वार्ड में कम से कम एक मशीन जरूरी:
वर्तमान में पूरा नगर निगम क्षेत्र 40 वार्डों में बंटा हुआ है। प्रत्येक वार्ड की आबादी लगभग 40 हजार के बीच रखी गई है। जानकारों का कहना है कि वार्डों की आबादी को देखते हुए कम से कम एक फॉगिंग मशीन प्रत्येक वार्ड में जरूरी है। 

हालांकि ये भी ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। पहले फॉगिंग का काम मलेरिया विभाग देखता था, अब इसे नगर निगम को देकर बेड़ा गर्क कर दिया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें