सदर थाने में तैनात इंस्पेक्टर कुलदीप किशोर की सर्विस रिवॉल्वर से गोली चलने से शनिवार की दोपहर मौत हो गई। गोली किसी दुर्घटनावश चली या उन्होंने खुद को गोली मारकर आत्महत्या की, यह जांच का विषय है। मामले की जांच के लिए एफएसएल की टीम व क्राइम की टीम जुटी है।
मूल रूप से नारनौल जिले के गांव बनिहाड़ी के रहने वाले इंस्पेक्टर कुलदीप किशोर शनिवार को थाना परिसर में अपने कमरे में बैठे हुए थे। गोली की आवाज होने पर अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने उसे लहूलुहान अवस्था में पाया।
आनन-फानन में मेदांता अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस आयुक्त संदीप खिरवार के अनुसार, मौके की एफएसएल टीम व सीन ऑफ क्राइम टीम द्वारा जांच कराई जा रही है। घटनास्थल की वीडियोग्राफी कराने के साथ ही जांच की जाएगी, ताकि मौत के सही कारणों से पर्दा उठ सके।
कुलदीप के सीने से खून बह रहा था और वह बेसुध अवस्था में था
इंस्पेक्टर कुलदीप को देखने अस्पताल पहुंचे अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
थाना सदर प्रभारी विजय कुमार के पिछले चार दिनों से अवकाश पर होने के कारण निरीक्षक कुलदीप किशोर थाने का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे। बताया जा रहा है शनिवार दोपहर करीब 1:05 पर अचानक गोली चलने की आवाज थाना परिसर में सुनाई दी, जिसके बाद वहां मौजूद अन्य पुलिसकर्मी तुरंत उनके कमरे की ओर दौड़े।
उन्होंने देखा कि कुलदीप के सीने से खून बह रहा है और वह बेसुध अवस्था में है। इस घटना की सूचना 1:15 पर दिल्ली में एक मीटिंग में मौजूद पुलिस आयुक्त संदीप खिरवार को दी गई, जिसके बाद वह तुरंत गुरुग्राम के लिए रवाना हुए।
अस्पताल में जानकारी लेने के बाद वह थाना सदर पहुंचे तथा घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि कुलदीप को गोली लगने की बात सामने आई है। गोली कैसे लगी, इसकी जांच के लिए एफएसएल टीम व सीन ऑफ क्राइम की मदद ली जा रही है।
उस कमरे में रखे कागजात व मोबाइल की जांच की जाएगी, ताकि घटना के सही कारणों का पता लगाया जा सके। उधर, उनकी मौत को लेकर कई तरह की बातें चल रही हैं। अभी तक कोई सुसाइड नोट मिलने की बात सामने नहीं आई है। कुछ लोगों के मुताबिक, वह पिछले कई दिनों से कुछ परेशान चल रहे थे। उनकी क्या परेशानी थी, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है।