क्रिकेट वर्ल्ड कप को लेकर शहर में सट्टेबाज भी 'खेल' खेल रहे हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो सेमीफाइनल्स और फाइनल पर तगड़ा सट्टा लगा है। इंडिया और न्यूजीलैंड सट्टेबाजों की पहली पसंद बने हैं। सट्टेबाजी मोबाइल कांफ्रेंसिंग के जरिये की जा रही है। हालांकि इस बार अभी तक पुलिस एक भी सट्टेबाज को पकड़ नहीं सकी है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि सट्टेबाजों के मोबाइल पर रिकॉर्डर लगा होता है, जिसे सट्टेबाज सुनते रहते हैं। वह बुलेटिन की तरह बोलता है। किस पर कितना सट्टा लगा है, यह भी बताता रहता है। बुलेटिन की तरह बोलने वाले मोबाइल को सट्टेबाजी की भाषा में 'डिब्बा' कहते हैं। सट्टेबाजी का दांव हर गेंद और हर शॉट पर लगता है। हर गेंद के बाद रेट घटते-बढ़ते रहते हैं।