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अब केजरीवाल और 'AAP' को पढ़ेंगे विदेशी छात्र

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जामिया मिल्लिया इस्लामिया के इंटरनेशनल समर स्कूल में शैक्षणिक सत्र 2015-16 में विदेशी छात्र अरविंद केजरीवाल और 'आप' को पढ़ेंगे। भारतीय राजनीति कार्यक्रम में इस बार केजरीवाल को विषय के रूप में चुना गया है।
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खास बात यह है कि अमेरिका ने भी अपने छात्रों को समर स्कूल में भेजने की इच्छा जताई है। स्कूल से पासआउट होने के बाद छात्र अपने देश में जाकर भारत के प्रतिनिधि के रूप काम करते हैं और भारत के इतिहास, कला, संस्कृति समेत राजनीति के बारे में बताते हैं।

जामिया कैंपस में चलने वाले देश के पहले इंटरनेशनल समर स्कूल में विदेशी छात्रों को मुख्यमंत्री केजरीवाल से मिलने का भी मौका मिले।

इन देशों से है समझौता

गौरतलब है कि मिनिस्ट्री ऑफ कल्चर और एमएचआरडी इस स्कूल में सहयोग करता है। भारत सरकार ने जापान, दक्षिण अफ्रीका, भूटान, जर्मनी और यमन आदि से समझौता किया है।

जिसमें वहां के छात्र भारत दर्शन संग भ्रमण के माध्यम से पढ़ाई करेंगे। इसी के तहत छात्रों को यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, यूनिवर्सिटी ऑफ टोक्यो, नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर स्कॉलरशिप भी मुहैया करवाती है।

इच्छुक छात्र उक्त स्कॉलरशिप नियमों के तहत भी आवेदन कर दाखिला फीस में छूट पा सकते हैं।

इन विषयों की होगी पढ़ाई हौ ये होगी समयसीमा

लगभग 30 से 35 छात्रों को चार हफ्ते की क्लासरूम तो दो हफ्ते की फील्ड में ट्रेनिंग दी जाएगी। छात्रों को चार विषय पढ़ाए जाएंगे। भारतीय इतिहास, राजनीति, समाजशास्त्र, संस्कृति आदि की ट्रेनिंग के लिए छात्रों को राजस्थान ट्रिप में भी भेजा जाएगा।

विषय-------क्रेडिट-----------समय सीमा
भारतीय राजनीति--2 क्रेडिट--22.5 घंटे
भारतीय अर्थव्यवस्था--2 क्रेडिट--22.5 घंटे
भारतीय समाजशास्त्र--2 क्रेडिट--22.5 घंटे
भारतीय इतिहास--2 क्रेडिट--22.5 घंटे
फील्ड क्षेत्र--4 क्रेडिट--45 घंटे
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30 अप्रैल तक भेज सकते हैं आवेदन

इंटरनेशनल समर स्कूल के तीसरे सत्र में दाखिले के लिए छात्र 30 अप्रैल तक आवेदन भेज सकते हैं। कक्षाएं 27 जून से शुरू होंगी।

पिछले सत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तो इस वर्ष विदेशी छात्र केजरीवाल को विषय के रूप में पढ़ेंगे। एमए, पीएचडी, ग्रेजुएट छात्र ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

दाखिले में दो स्टेज पार करना जरूरी है, जिसमें आवेदन के साथ छात्रों को राइटअप भी भेजना होगा। कुल सीटों में 80-90 फीसदी सीट विदेशी छात्रों के लिए है, जबकि अन्य पर भारतीय छात्रों को दाखिला मिलता है। - प्रोफेसर निसार-उल-हक, कॉर्डिनेटर, इंटरनेशनल समर स्कूल
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