उत्तर प्रदेश सेमी कंडक्टर का गढ़ बनेगा। नोएडा में सेमी कंडक्टर की तीन बड़ी कंपनियों को हरी झंडी मिल गई है। टॉर्क सेमीकंडक्टर 28,440 करोड़ का निवेश करेगी। वामासुंदरी इन्वेस्टमेंट्स 13599 करोड़ के निवेश से संंयंत्र लगाएगी। केन्स सेमीकॉन 4248 करोड़ का निवेश करेगी। कुल 50 हजार करोड़ रुपये के निवेश से 40 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। तीनों इकाइयों के लिए नोएडा में जमीन आवंटन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। टॉर्क सेमीकंडक्टर्स को यीडा के सेक्टर 128 में 125 एकड़ जमीन दी जाएगी। यहां 28,440 करोड़ रुपये सबसे बड़े सेमीकंडक्टर का संयंत्र लगेगा। ये इकाई हीरानंदानी समूह द्वारा वित्तपोषित है।
- वामासुंदरी इन्वेस्टमेंट्स को यीडा के सेक्टर 10 में 50 एकड़ जमीन आवंटित की जाएगी। यहां 13,599 करोड़ रुपये से सेमीकंडक्टर प्लांट लगेगा। ये इकाई एचसीएल और फॉक्सकॉन द्वारा वित्तपोषित है। केन्स सेमीकॉन को भी यीडा के सेक्टर 10 में 50 एकड़ जमीन दी जाएगी। यहां 4248 करोड़ के निवेश से सेमीकंडक्टर का प्लांट लगेगा।
आज का युग सिलिकॉन कूटनीति का
मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर उत्पादन में हमारा फोकस एकदम स्पष्ट है। हम एक ऐसी दुनिया बनाना चाहते हैं, जो संकट के समय भी रुके नहीं, ठहरे नहीं-निरंतर चलती रहे। आज का युग सिलिकॉन कूटनीति का है। इसी वर्ष भारत को हिंद प्रशांत फ्रेमवर्क की आपूर्ति शृंखला परिषद का उपाध्यक्ष चुना गया है। हम सेमीकंडक्टर आपूर्ति शृंखला पहल के भी बड़े साझेदार हैं। हाल ही में हमने जापान और सिंगापुर सहित कई देशों के साथ समझौते हस्ताक्षर किए। इस सेक्टर में अमेरिका के साथ भी भारत सहयोग लगातार बढ़ा रहा है।
-नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
सवाल करने वाले करें डिजिटल इंडिया मिशन का अध्ययन
पीएम मोदी ने कहा, देश के सेमीकंडक्टर मिशन पर कुछ लोग सवाल भी उठाते हैं कि भारत इस पर फोकस क्यों कर रहा है। ऐसे लोगों को हमारे डिजिटल इंडिया मिशन का जरूर अध्ययन करना चाहिए। डिजिटल इंडिया मिशन का लक्ष्य, देश को एक पारदर्शी, असरदार और लीकेज फ्री शासन देना था। हम इसके गुणक प्रभाव को अनुभव कर रहे हैं। डिजिटल इंडिया की सफलता के लिए हमें किफायती मोबाइल हैंडसेट और डाटा की जरूरत थी। इसके लिए हमने जरूरी सुधार और ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया। एक दशक पहले, हम मोबाइल फोन के बड़े आयातक में से एक थे। आज हम दुनिया के नंबर दो 2 निर्माता और निर्यातक हैं।
तकनीक को आम आदमी के हाथों में पहुंचाया : वैष्णव
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, हम सेमीकंडक्टर के लिए उचित माहौल बनाना चाहते हैं। इस कार्यक्रम में सभी हितधारकों की उत्साही भागीदारी प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण की सफलता को दिखाता है। डिजिटल इंडिया मिशन, टेलीकॉम मिशन, सभी ने तकनीक को आम नागरिकों के हाथों में पहुंचा दिया है।
- हमारे देश में सेमीकंडक्टर उद्योग की वृद्धि इस दृष्टिकोण को और मजबूत करेगी। अगले 10 साल में 85 हजार इंजीनियर और तकनीशियनों को तैयार करने का लक्ष्य है।
- इसके लिए 130 विश्वविद्यालयों को शामिल किया गया है। सेमीकंडक्टर क्षेत्र की जरूरत को ध्यान में रखते हुए सिलेबस तैयार किए गए हैं।