नौनिहालों की सुरक्षा के मद्देनजर परिवहन विभाग ने स्कूलों के लिए एक और नियम लागू कर दिया है। स्कूल बसों के अगले व पिछले हिस्से में सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे।
इसके अलावा छात्राओं के लिए विशेष बसों में महिला सहायक की तैनाती करनी होगी। इस सिलसिले में सोमवार को जिले के निजी स्कूलों के प्रतिनिधियों की अहम बैठक बुलाई गई।
आरटीए सचिव ने स्कूलों को बच्चों की सुरक्षा में किसी तरह की कोताही न बरतने की हिदायत दी है। हाईकोर्ट ने सुरक्षित वाहन पॉलिसी के तहत स्कूल बसों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।
बसों पर रहेगा पहरा
इसको लेकर परिवहन विभाग ने जिले के स्कूल प्रतिनिधियों को तलब किया था। हालांकि, बैठक में कई स्कूलों के प्रतिनिधि पहुंचे ही नहीं थे।
आरटीए सचिव जयदीप कुमार ने बताया कि बसों में लगाए जाने वाले कैमरे पीटीजेड (पैन टिल्ट जूम) होने चाहिए, ताकि बस के अंदर हर तरफ निगरानी रखी जा सके।
बैठक में जिले के स्कूल ट्रैफिक प्रभारी जसवंत डागर, दिनेश सिंह, सतीश कुमार, खलील अहमद, एसके जुगरान, नवीन शर्मा, जानकी प्रसार आदि मौजूद रहे।
बसों में सहायक की तैनाती जरूरी
स्कूल बसों में चालक के अलावा हेल्पर तो तैनात करना ही होगा, साथ ही स्कूलों की तरफ से एक सहायक की भी तैनाती करनी होगी।
अगर स्कूल बस केवल छात्राओं के लिए रिजर्व होगी तो उसमें महिला सहायक की तैनाती अनिवार्य कर दी गई है। इसका मकसद बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूलों की जिम्मेदारी तय करना है।
हेल्पलाइन भी जारी
परिवहन विभाग की तरफ से हेल्पलाइन भी जारी की गई है। विभाग के फेसबुक पेज (रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी फरीदाबाद) पर लॉगइन कर तय मानकों से संबंधित जानकारी पाई जा सकती है।
इसके अलावा हरियाणा के परिवहन आयुक्त के दूरभाष नंबर 0172-2784359 पर भी संपर्क किया जा सकता है।