आरटीओ ने बृहस्पतिवार को डीपीएस राजनगर की 15 बसों समेत शहर में कुल 22 स्कूली बसों को सीज कर दिया। बसों को सीज करने की आड़ में आरटीओ प्रवर्तन विभाग की टीम ने बच्चों को बीच रास्ते में ही बसों से उतार दिया।
कार्रवाई से दहशत में आए मासूम बच्चे रास्ते में रोते-सिसकते रहे, लेकिन टीम ने एक नहीं सुनी। कुछ बसों में टीम ने बच्चों के सामने ड्राइवरों की पिटाई की, जिससे बच्चे सहम गए।
एक बस में से बच्चों को उतारा गया, तो बच्चों को लेने पहुंची दूसरी बस को भी सीज कर दिया गया। तीसरी बस से बच्चों को स्कूल पहुंचाया गया।
कार्रवाई के चलते अभिभावकों में जबरदस्त गुस्सा है। बच्चे सुबह एक घंटे देरी से स्कूल पहुंचे और लौटते वक्त दोपहर डेढ़ घंटे देरी से घर पहुंचे। कार्रवाई के बाद स्कूल और अभिभावकों को शुक्रवार को बच्चे के स्कूल जाने की चिंता रही।
इसे लेकर अभिभावक स्कूल में छुट्टी के बाद कॉल करके जानकारी लेने की कोशिश करते रहे। स्कूल की ओर से अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की बात कहने से अभिभावकों को राहत मिली।
डीपीएस राजनगर की प्रिंसिपल शशि रंजन ने बताया कि 15 ड्राइवरों के लाइसेंस नहीं होने की बात कहकर सुबह सात और दोपहर में आठ बसों की सीज किया गया। बसों में छोटे-छोटे बच्चे बैठे थे।
उसके बावजूद बसों से उतारा गया। कार्रवाई से बच्चों में दहशत थी और बच्चे रोते हुए स्कूल पहुंचे। ड्राइवरों के लाइसेंस पूरे होने के बावजूद कार्रवाई टारगेट बनाकर की गई है। इसके खिलाफ जिला प्रशासन में शुक्रवार को शिकायत कर कार्रवाई की मांग की जाएगी।
बाहर से मंगाएंगे बसें
स्कूल की 38 बसों में से 15 को सीज कर दिया है। सभी दस्तावेज पूरे हैं, सभी ड्राइवरों के लाइसेंस भी हैं। शुक्रवार को बच्चों को परेशानी न हो, तो बसें दूसरे रूट से अटैच की जाएंगी। जरूरत पड़ी तो बाहर से बसें मगाएंगे- योगेश अग्रवाल, एडमिन इंचार्ज, डीपीएस राजनगर
कुल 47 स्कूली बसें सीज
स्कूली बसों की चेकिंग अभियान में बृहस्पतिवार को आरटीओ के प्रवर्तन विभाग ने महानगर में कुल 22 और संभाग में कुल 47 बसों को सीज किया गया।
आरटीओ ने दस्तावेज पूरे न मिलने पर 28 ऑटो-टेंपों और एक टैक्सी का भी चालान किया गया। आरटीओ मयंक ज्योति ने बताया कि कुल 22 बसों पर सीज की कार्रवाई की गई।
इनमें डीपीएस, छबीलदास समेत कई स्कूलों की बसें शामिल हैं। आरटीओ मयंक ज्योति ने बताया कि संभाग के अन्य जिले बुलंदशहर, नोएडा, हापुड़ में भी चेकिंग की गई। जुर्माना भरने के बाद ही बसों को छोड़ा जाएगा। शुक्रवार को भी अभियान जारी रहेगा।