राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की दो सदस्यीय टीम शनिवार को तिगांव की उस दलित बस्ती में पहुंची, जहां पर 26 जून को हमला हुआ था। सदस्यों ने पहले तिगांव थाना पहुंच कर पुलिस द्वारा की गई जांच की जानकारी ली।
इसके बाद बस्ती में मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवारों से बातचीत की। आयोग के निदेशक कौशल कुमार और सलाहकार एमआर बाली ने पुलिस से पूछा कि उन्होंने अब तक इस मामले में क्या कार्रवाई की है। एसीपी ने उन्होंने कार्रवाई का ब्योरा दिया।
इसके बाद दोनों अधिकारियों ने दलित बस्ती में पीड़ितों से बात की। बताया जाता है कि कुछ पीड़ितों ने आपसी समझौते की बात कही। लेकिन रिपब्लिकन पार्टी के प्रदेश प्रभारी अनिल बाबा का कहना है कि ऐसा बयान गांव वालों के दबाव में दिया गया है।
हालांकि टीम ने उनसे पूछा कि उन पर किसी तरह का दवाब तो नहीं है। पीड़ितों ने उन्हें बताया कि उन्होंने दबाव में नहीं बल्कि सामाजिक रूप से फैसला किया है। गांव सरपंच प्रताप नागर व ब्लॉक समिति के सदस्य रघुवीर अधाना ने टीम को पंचायत के फैसले के बारे में बताया।
करीब एक घंटे तक बस्ती में रुकने के बाद टीम वापस दिल्ली लौट गई। बताया गया है कि अब तक पुलिस ने सिर्फ आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि पुलिस ने इस मामले में पीड़ितों की शिकायत पर करीब 200 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।