हिंदू शरणार्थी कैंप में महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर
हिंदू शरणार्थी कैंप में रह रही कई महिलाएं व लड़कियां आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं। लेकिन, जब से डीडीए का नोटिस आया है तब से इनमें मायूसी छाई हुई है। इनका कहना है कि वह नहीं चाहती कि किसी के सामने हाथ फैलाना पड़े। इस वजह से वह सिलाई करना सीख रही हैं। यही नहीं, यहां कार्य कर रहे गैर सरकारी संस्था उनके सपनों को पंख लगा रहे हैं।
कैंप होगा ध्वस्त
इनका कहना है कि अगर यह कैंप ध्वस्त किया जाता है तो वह फिर बहुत पीछे चली जाएंगी। कैंप में सिलाई का प्रशिक्षण देने वाली नीतू पासवान बतातीं हैं कि वह यहां बीते पांच वर्ष से कार्य कर रही हैं। वह अब तक 82 महिलाओं को प्रशिक्षण दे चुकी हैं। मौजूदा समय में 17 लड़कियां सिलाई सीख रही हैं। साथ ही, 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली पूजा कहती हैं कि सिलाई सीख कर आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं।
घरों को तोड़ने के आदेश पर लगाई जाए रोक: सौरभ भारद्वाज
आप पार्टी मुख्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि बीते दिनों दिल्ली विधानसभा में इस पर जमकर हंगामा हुआ है। जब से दिल्ली में नए उपराज्यपाल आए हैं, लोगों के घरों को उजाड़ने का सिलसिला जारी है। मजनू का टीला के नजदीक स्थित गुरुद्वारे के पास बसी झुग्गी बस्ती एरिया में नोटिस दिए गए हैं। बुलडोजर के डर से लोगों ने अपना सारा सामान बांध लिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की एजेंसियों चाहे डीडीए, एलएनडीओ, रेलवे या एएसआई इन सभी एजेंसियों द्वारा लगातार दिल्ली के गरीब झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों के घरों को तोड़ने का काम किया जा रहा है।
नोटिस का हिंदू फ्रंट ने किया विरोध
यूनाईटेड हिन्दू फ्रंट के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जय भगवान गोयल ने आरोप लगाते हुए बताया कि एक तरफ तो केंद्र सरकार द्वारा सीएए लागू करके पाकिस्तान से देश में आए हिन्दुओं को संरक्षण देने की बात हो रही है। वहीं, दूसरी ओर दिल्ली सरकार के इशारे पर हिंदू शरणार्थियों की झुग्गी-झोपड़ी को तोड़ने की कार्रवाई डीडीए द्वारा की जा रही है। फ्रंट ने इसके विरोध में साधु संत व कई हिन्दू संगठनों के साथ विरोध प्रदर्शन किया व धरने पर बैठकर अपना रोष प्रकट किया है।