मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 630 मीटर लंबे तीन लेन के फ्लाईओवर का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि फ्लाईओवर पर 66 करोड़ रुपये व्यय होने का अनुमान था, लेकिन दिल्ली सरकार ने इसे 50 करोड़ में ही बनाकर 16 करोड़ रुपये बचा लिए। अब तक दिल्ली सरकार फ्लाईओवरों के निर्माण में 557 करोड़ रुपये बचा चुकी है। वर्ष 1947 से 2015 तक दिल्ली में 72 फ्लाईओवर-अंडरपास बनाए गए, जबकि आप सरकार ने 2015 से अब तक 30 बनाए हैं। इसके अलावा नौ फ्लाईओवर पर काम चल रहा है और 16 फ्लाईओवर की योजना स्वीकृति की प्रक्रिया में है।
इस फ्लाईओवर के चालू होने से आईटीओ से आश्रम की तरफ आने वाले लोगों को सुविधा मिलेगी। पहले आश्रम में आधे-आधे घंटे तक जाम लगता था। अब आश्रम अंडरपास, डीएनडी एक्सटेंशन के लिए पांच मिनट के लिए भी रुकना नहीं पड़ेगा। चंदगीराम अखाड़े से लेकर आश्रम, मूलचंद, धौलाकुंआ तक रिंग रोड पर कोई सिग्नल नहीं है।
नेताओं के पास जाता था पैसा
केजरीवाल ने कहा कि पहले पैसा कुछ नेताओं की जेब में जाया करता था, अब दिल्ली सरकार का एक-एक पैसा दिल्लीवालों की तरक्की के लिए इस्तेमाल होता है। पूरे देश में पीडब्ल्यूडी का मतलब भ्रष्टाचार माना जाता है, लेकिन दिल्ली पूरे देश में अकेला शहर है, जहां पीडब्ल्यूडी का मतलब ईमानदारी है। पीडब्ल्यूडी हर काम में पैसे बचा रहा है।
काम रोकने के लिए रोज अड़चनें
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे काम को रोकने के लिए रोज अड़चनें पैदा की जा रही हैं। इसके बावजूद हम सारे काम कर रहे हैं। हमने हमेशा कहा है कि चाहे जितनी अड़चनें लगा लें, लेकिन काम नहीं रुकने देंगे। प्रीमियम बस एग्रीगेटर स्कीम को मंजूरी दे दी है। जल्द ही दिल्ली के अंदर शानदार लग्जरी बसें चलेंगी। वहीं, पीडब्ल्यूडी मंत्री आतिशी ने कहा कि पहले आश्रम इलाके में आने का मतलब घंटों जाम में फंसना होता था, लेकिन पांच सालों में ही केजरीवाल ने इस इलाके को जाम मुक्त कर दिया है।